भागलपुर (बिहार): लोकसभा चुनाव 2025 के प्रचार अभियान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को बिहार के भागलपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इन तीनों नेताओं की नीतियों ने बिहार को विकास की राह से भटका दिया है और आज राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए देशभर में मजदूरी करनी पड़ रही है।
सभा में राहुल गांधी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा,
“नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने मिलकर बिहार को हिंदुस्तान का मजदूर बना दिया है। जो राज्य कभी शिक्षा, कृषि और संस्कृति में अग्रणी था, आज उसके नौजवान रोज़गार के लिए दर-दर भटक रहे हैं।”
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और जदयू की सरकार ने बिहार को गरीबी, बेरोजगारी और पलायन की राजनीति में झोंक दिया है। उन्होंने जनता से अपील की कि इस बार राज्य के युवाओं, किसानों और मजदूरों के भविष्य के लिए बदलाव जरूरी है।
‘बिहार का हक छीना गया’
राहुल गांधी ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने बिहार को उसका उचित हक नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के उद्योग बंद हैं, कृषि संकट में है और शिक्षा व्यवस्था चरमराई हुई है।
“दिल्ली में बैठे नेता बिहार को सिर्फ वोट बैंक समझते हैं। यहां के लोगों के विकास के लिए न कोई योजना बनी और न ही कोई रोजगार सृजन की नीति। बिहार के युवाओं को आज दिल्ली, मुंबई और सूरत जाकर मजदूरी करनी पड़ती है,” उन्होंने कहा।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो बिहार में औद्योगिक क्रांति की नई शुरुआत होगी और राज्य को “मजदूर भेजने वाला नहीं, रोजगार देने वाला” प्रदेश बनाया जाएगा।

‘मोदी सरकार सिर्फ प्रचार में व्यस्त’
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि उनकी सरकार सिर्फ प्रचार और झूठे वादों में व्यस्त है।
“प्रधानमंत्री मोदी हर जगह भाषण देते हैं, लेकिन युवाओं को नौकरियां नहीं देते। उन्होंने 2 करोड़ नौकरियों का वादा किया था, पर हकीकत में सिर्फ बेरोजगारी बढ़ी है। मोदी जी के पास हर सवाल का जवाब होता है, लेकिन गरीबों के पेट की आग बुझाने का कोई उपाय नहीं।”
उन्होंने कहा कि भाजपा का “विकास” सिर्फ चुनिंदा उद्योगपतियों तक सीमित है और किसानों-गरीबों की हालत और बदतर होती जा रही है।
‘नीतीश कुमार ने जनता का भरोसा तोड़ा’
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने कई बार गठबंधन बदलकर जनता का विश्वास खो दिया है।
“नीतीश कुमार ने बिहार के लोगों का भरोसा तोड़ा है। कभी भाजपा के साथ, कभी विपक्ष के साथ — उनका एकमात्र लक्ष्य सत्ता में बने रहना है। जनता अब उनकी राजनीति को समझ चुकी है,” राहुल गांधी ने कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार को अब ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो स्थिर सरकार और ठोस विकास दे सके, न कि केवल कुर्सी की राजनीति करे।
अमित शाह पर भी बोला हमला
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे हर चुनाव में नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं।
“अमित शाह जहां भी जाते हैं, लोगों को धर्म और जाति के नाम पर बांटने की कोशिश करते हैं। लेकिन बिहार की मिट्टी एकता और भाईचारे की है। यहां के लोग नफरत नहीं, प्यार में यकीन रखते हैं,” उन्होंने कहा।
‘कांग्रेस देगी युवाओं को नई दिशा’
सभा के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस बिहार के युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई नीतियां लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर “युवा शक्ति योजना” शुरू करेगी, जिसके तहत हर जिले में उद्योगिक केंद्र और कौशल प्रशिक्षण संस्थान खोले जाएंगे।
“हम बिहार को मजदूर नहीं, मालिक बनाएंगे। युवाओं को अपने ही राज्य में काम मिलेगा, उन्हें बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी,” उन्होंने कहा।
सभा के अंत में राहुल गांधी ने जनता से कांग्रेस उम्मीदवारों को जिताने की अपील की और कहा कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि “बिहार की आत्मा को बचाने” का चुनाव है।
लोगों की भारी भीड़ और उत्साह
भागलपुर की इस रैली में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। मंच पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। राहुल गांधी के भाषण के दौरान भीड़ में जोश और नारों का माहौल रहा। “भारत जोड़ो”, “न्याय चाहिए” और “राहुल गांधी जिंदाबाद” के नारे पूरे मैदान में गूंजते रहे।
राजनीतिक विश्लेषण
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल गांधी का यह हमला बिहार की राजनीति में नया जोश भर सकता है। भाजपा-जदयू गठबंधन पर बढ़ते असंतोष के बीच कांग्रेस राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी की यह रैली कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
राहुल गांधी की भागलपुर रैली ने बिहार के चुनावी माहौल को और गर्मा दिया है। उनके तीखे हमले से यह साफ हो गया है कि कांग्रेस अब सीधे प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार की नीतियों को चुनौती देने के मूड में है। अब देखना यह होगा कि जनता राहुल गांधी के इस “बदलाव के संदेश” को कितनी गंभीरता से लेती है।

