By; Vikash Kumar (Vicky)

देवघर। स्थानीय विवेकानंद शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान (वेक्सो इंडिया) के तत्वावधान में पैराडाइस बैंक्वेट हॉल के सभागार में देवघर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं लेखक रवि कुमार केशरी की पुस्तक ‘भारत : प्रधानमंत्रियों के युग में’ का लोकार्पण समारोहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा, सामाजिक क्षेत्र एवं बौद्धिक जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों ने पुस्तक को भारतीय इतिहास, राजनीति और राष्ट्रचिंतन को समझने की दृष्टि से महत्वपूर्ण कृति बताया।

पुस्तक का लोकार्पण विश्वभारती विश्वविद्यालय के हिंदी व्याख्याता डॉ. सुभाष चंद्र राय, वेक्सो इंडिया के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव, प्रगतिशील लेखक संघ देवघर इकाई के अध्यक्ष प्रो. रामनंदन सिंह, प्राइवेट स्कूल्स सोशल वेलफेयर सोसाइटी देवघर के अध्यक्ष प्रेम कुमार, बड्स पैराडाइस स्कूल चकाई के निदेशक समीर कुमार दूबे, लेखक रवि कुमार केशरी सहित अन्य विद्वतजनों ने संयुक्त रूप से किया।

समारोह को संबोधित करते हुए पुस्तक के लेखक रवि कुमार केशरी ने कहा कि जब से उन्हें देश और समाज को समझने की चेतना मिली, उन्होंने भारत को बहुत करीब से देखा और देश के सामाजिक, राजनीतिक एवं आर्थिक उतार-चढ़ाव को महसूस किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उनके मन में भारत के राजनीतिक सफर और प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल को लेकर एक पुस्तक लिखने का सपना था। इसी अनुभव और संजोए हुए विचारों को उन्होंने पुस्तक के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि भारत का लोकतांत्रिक इतिहास अनेक महत्वपूर्ण दौरों से होकर गुजरा है। अलग-अलग प्रधानमंत्रियों ने अपने समय की परिस्थितियों, चुनौतियों और अवसरों के बीच देश का नेतृत्व किया। पुस्तक के माध्यम से इन विभिन्न कालखंडों को समझने का प्रयास किया गया है।
विश्वभारती विश्वविद्यालय के हिंदी व्याख्याता डॉ. सुभाष चंद्र राय ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि ‘भारत : प्रधानमंत्रियों के युग में’ में प्रत्येक प्रधानमंत्री के कार्यकाल का विश्लेषण अत्यंत संतुलित एवं तथ्यपरक ढंग से किया गया है। उन्होंने कहा कि लेखक ने देश के प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल को केवल राजनीतिक घटनाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उनके निर्णयों और योगदान को व्यापक राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।

डॉ. राय ने कहा कि पुस्तक में जवाहरलाल नेहरू के राष्ट्र-निर्माण में योगदान, लाल बहादुर शास्त्री के साहसिक नेतृत्व, इंदिरा गांधी के दृढ़ निर्णयों, मोरारजी देसाई की सादगीपूर्ण राजनीति, राजीव गांधी के आधुनिक भारत के स्वप्न, अटल बिहारी वाजपेयी की मर्यादित राजनीति, मनमोहन सिंह की आर्थिक दूरदर्शिता तथा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के बदलते वैश्विक स्वरूप का प्रभावशाली चित्रण किया गया है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के दौर को एक साथ समझने के लिए यह पुस्तक पाठकों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

वेक्सो इंडिया के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव ने कहा कि रवि कुमार केशरी बचपन से ही जुझारू, कर्मठ और राष्ट्रचिंतन से ओत-प्रोत व्यक्तित्व के धनी रहे हैं। उन्होंने कहा कि केशरी अपनी लेखनी के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक एवं बौद्धिक मंचों के माध्यम से राष्ट्रीय महत्व के अनेक मुद्दों को उठाते रहे हैं। उनके द्वारा लिखी गई यह पुस्तक भी राष्ट्र और समाज के प्रति उनके चिंतन को दर्शाती है।
प्रगतिशील लेखक संघ, देवघर इकाई के अध्यक्ष प्रो. रामनंदन सिंह ने कहा कि लेखक ने पुस्तक में केवल ऐतिहासिक तथ्यों का उल्लेख नहीं किया है, बल्कि उसमें भावनात्मकता, राष्ट्रभक्ति और साहित्यिक सौंदर्य का भी सुंदर समन्वय किया है। उन्होंने कहा कि यही इस पुस्तक को अन्य पुस्तकों से अलग पहचान प्रदान करता है। इतिहास और राजनीति जैसे गंभीर विषय को सहज तरीके से पाठकों के सामने रखने का प्रयास पुस्तक की विशेषता है।

प्राइवेट स्कूल्स सोशल वेलफेयर सोसाइटी, देवघर के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि पुस्तक में भारत की महानता, स्वतंत्रता-पूर्व परिस्थितियों, स्वतंत्रता प्राप्ति के गौरवपूर्ण क्षण, स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों के योगदान तथा स्वतंत्र भारत के प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल के दौरान देश की स्थिति का विस्तार और प्रामाणिकता के साथ वर्णन किया गया है। उन्होंने कहा कि पुस्तक देश के राजनीतिक एवं ऐतिहासिक सफर को समझने के इच्छुक पाठकों के लिए उपयोगी साबित होगी।
बड्स पैराडाइस स्कूल, चकाई के निदेशक समीर कुमार दूबे ने कहा कि यह पुस्तक वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास, राजनीति और राष्ट्रचिंतन से जुड़े विषयों को समझने के लिए ऐसी पुस्तकों की आवश्यकता है। पुस्तक आने वाली पीढ़ी को देश के राजनीतिक विकास और लोकतांत्रिक यात्रा को समझने में मदद करेगी।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्वतजनों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं अतिथियों ने लेखक रवि कुमार केशरी को पुस्तक के प्रकाशन और लेखन के लिए शुभकामनाएं दीं। अतिथियों ने उम्मीद जताई कि ‘भारत : प्रधानमंत्रियों के युग में’ पाठकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाएगी और भारतीय राजनीति एवं इतिहास के विभिन्न पहलुओं को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पुस्तक के लोकार्पण समारोह में साहित्य, शिक्षा, सामाजिक सरोकार और राष्ट्रचिंतन से जुड़े लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी देश की वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक स्थिति को समझने के लिए उसके अतीत और नेतृत्व के विभिन्न दौर को जानना आवश्यक है। इस दृष्टि से रवि कुमार केशरी की यह पुस्तक एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में सामने आई है।
