By:Mala Mandal
देवघर: विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में सावन माह के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। झारखंड के देवघर जिले में सावन भर शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। उत्पाद विभाग ने आदेश जारी करते हुए जिले के निर्धारित क्षेत्रों में संचालित सभी शराब दुकानों को एक महीने तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इस निर्णय का उद्देश्य धार्मिक वातावरण बनाए रखना, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण माहौल उपलब्ध कराना है।

सावन के महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम देश के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में शामिल हो जाता है। बिहार के सुल्तानगंज से जल लेकर आने वाले लाखों कांवड़िए लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं। इस दौरान शहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है, जिसे देखते हुए प्रशासन हर वर्ष विशेष सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू करता है।

इसी क्रम में इस बार उत्पाद विभाग ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि सावन मेले की अवधि के दौरान शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। आदेश लागू होने के बाद संबंधित क्षेत्र की सभी सरकारी और निजी शराब दुकानें बंद रहेंगी। विभाग ने सभी लाइसेंसधारकों को निर्देश दिया है कि आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए। किसी भी प्रकार की अवहेलना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। ऐसे में धार्मिक आस्था और सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। शराब बिक्री पर रोक लगाने से किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, विवाद या कानून-व्यवस्था की समस्या की संभावना कम होगी।

देवघर प्रशासन ने पुलिस, उत्पाद विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों को निगरानी की जिम्मेदारी भी सौंपी है। विभिन्न स्थानों पर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा ताकि अवैध शराब की बिक्री या तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। सीमावर्ती इलाकों में भी चौकसी बढ़ा दी गई है।
बाबा बैद्यनाथ धाम का सावन मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस दौरान पूरे शहर में भक्ति का माहौल रहता है और प्रशासन भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य, सुरक्षा, ट्रैफिक, पेयजल, सफाई और आपातकालीन सेवाओं की विशेष व्यवस्था करता है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि शराब बिक्री पर रोक का निर्णय धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण मिलेगा और मेले की पवित्रता बनी रहेगी। वहीं कई सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है।

हालांकि शराब कारोबार से जुड़े लोगों पर इसका आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि धार्मिक आयोजन और जनहित को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है। आदेश का उद्देश्य किसी व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि विशाल धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाना है।

उत्पाद विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अवैध शराब की बिक्री या परिवहन की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें। यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ उत्पाद अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सावन के दौरान देवघर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि शराब बिक्री पर रोक और कड़ी निगरानी से पूरे मेले का आयोजन सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न होगा। बाबा बैद्यनाथ की नगरी में श्रद्धालुओं को पूरी तरह धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह फैसला लागू किया गया है।


