By: Vikash Kumar (Vicky)

Dharm News: हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित सावन माह का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। हर वर्ष श्रद्धालु सावन सोमवार व्रत का बेसब्री से इंतजार करते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि साल 2026 में सावन का पहला सोमवार कब पड़ेगा, इसका धार्मिक महत्व क्या है और पूजा की सही विधि क्या मानी गई है।

सावन 2026 का पहला सोमवार कब है?
सावन 2026 की शुरुआत और पहला सावन सोमवार
हिंदू पंचांग के अनुसार, उत्तर भारत में वर्ष 2026 में सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई 2026, गुरुवार से होगी। भगवान शिव को समर्पित सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ेगा। इस वर्ष सावन में कुल चार सावन सोमवार व्रत रहेंगे, जिनकी तिथियां क्रमशः 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त 2026 हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और व्रत-पूजन करने से विशेष पुण्य फल और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

सावन सोमवार का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। माना जाता है कि इस पूरे माह में विधि-विधान से शिव पूजा करने पर जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। अविवाहित युवक-युवतियां योग्य जीवनसाथी की कामना के लिए सावन सोमवार का व्रत रखते हैं, जबकि विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए भगवान शिव की आराधना करती हैं।

सावन सोमवार की पूजा विधि
– प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
– घर या मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करें।
– शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और जल से अभिषेक करें।
– बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और भांग अर्पित करें।

– “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
– शिव चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें।
– पूजा के बाद भगवान शिव की आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
सावन में करें ये विशेष उपाय
ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन माह में कुछ विशेष उपाय करने से भगवान शिव कीकृपा प्राप्त हो सकती है।

– हर सोमवार शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें।
– जरूरतमंद लोगों को अन्न और वस्त्र का दान करें।
– महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
– पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं।
– शिव मंदिर में जाकर रुद्राभिषेक कराएं।

सावन में क्या करें और क्या न करें
सावन माह में सात्विक भोजन करने, क्रोध से बचने और सकारात्मक विचार रखने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान तामसिक भोजन, नशा और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए।

भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना आध्यात्मिक उन्नति, भक्ति और साधना का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा-अर्चना से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति प्राप्त होने की मान्यता है।
यह लेख धार्मिक मान्यताओं, पुराणों और पारंपरिक आस्थाओं पर आधारित है। धार्मिक आस्थाएं और परंपराएं व्यक्ति विशेष के विश्वास पर निर्भर करती हैं। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान से पहले योग्य आचार्य या पुरोहित से परामर्श अवश्य लें।

