By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और सेवा काल के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक महीने तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की जाएगी। यह अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान के माध्यम से केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे सार्वजनिक सेवा काल को लोगों तक पहुंचाने की तैयारी है। इस अभियान का एक प्रमुख लक्ष्य उत्तर प्रदेश के 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ना है। इसके लिए अलग-अलग स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। सरकार और संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों तक विकास, जनकल्याण और भविष्य के भारत से जुड़े संदेश पहुंचाने पर जोर रहेगा।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत 17 सितंबर से होगी और यह 17 अक्टूबर तक चलेगा। एक महीने की अवधि में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों के जरिए लोगों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा काल से जोड़कर देखा जा रहा है। इस दौरान उनके सार्वजनिक जीवन, प्रशासनिक अनुभव और देश के विकास से जुड़े कार्यों को जनता के बीच रखने की कोशिश होगी। अभियान के जरिए सरकार की उपलब्धियों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जा सकती है।

4.19 करोड़ परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों में शामिल है। ऐसे में राज्य में किसी भी बड़े जनसंपर्क अभियान का दायरा काफी व्यापक होता है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इतने बड़े स्तर पर अभियान को संचालित करने के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक नेटवर्क की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जोड़ने की कोशिश की जाएगी।

‘विकसित भारत 2047’ पर रहेगा फोकस
अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से लोगों को जोड़ना है। वर्ष 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होंगे। इसी भविष्य की कल्पना को लेकर विकसित भारत का लक्ष्य सामने रखा गया है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से लोगों को इस दीर्घकालिक लक्ष्य से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसमें देश के विकास, आत्मनिर्भरता, रोजगार, बुनियादी सुविधाओं, तकनीक और जनभागीदारी जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी जा सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सेवा काल पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को अभियान का प्रमुख आधार बनाया गया है। इस दौरान उनके गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में किए गए कार्यों और नीतिगत फैसलों को जनता के सामने रखने की कोशिश होगी। बीजेपी और सरकार से जुड़े कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं का उल्लेख किया जा सकता है। वहीं, अभियान के माध्यम से केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क बढ़ाने पर भी जोर रहने की संभावना है।

योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंचने की कोशिश
देश में केंद्र सरकार की कई योजनाओं के लाभार्थी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। उत्तर प्रदेश में भी इन योजनाओं का व्यापक लाभ लोगों तक पहुंचने का दावा किया जाता रहा है। ऐसे में 15.74 करोड़ लाभार्थियों को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लाभार्थियों से संवाद के माध्यम से यह जानने का प्रयास भी किया जा सकता है कि सरकारी योजनाओं का उन्हें किस प्रकार लाभ मिला। इससे सरकार की योजनाओं को लेकर जमीनी स्तर पर संवाद स्थापित करने का अवसर मिलेगा।

जनभागीदारी को बढ़ाने पर जोर
किसी भी बड़े अभियान की सफलता केवल कार्यक्रम आयोजित करने से नहीं, बल्कि उसमें आम लोगों की भागीदारी से तय होती है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के दौरान भी जनभागीदारी को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर बैठकें, जनसंपर्क कार्यक्रम, लाभार्थियों से संवाद और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के जरिए लोगों को अभियान से जोड़ने की कोशिश की जा सकती है। इससे अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में मदद मिलेगी।

राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा काल को लेकर उत्तर प्रदेश में महीनेभर का अभियान राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। बीजेपी के लिए यह अभियान अपने नेतृत्व और सरकार के कामकाज को जनता के बीच रखने का एक बड़ा माध्यम बन सकता है। वहीं, आम लोगों के लिए यह अभियान सरकारी योजनाओं और भविष्य के विकास लक्ष्य से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का अवसर भी बन सकता है। हालांकि, ऐसे अभियानों में यह भी महत्वपूर्ण होता है कि विकास और जनकल्याण से जुड़े दावों को जमीनी स्तर पर लोगों के अनुभवों के साथ देखा जाए।

2047 के लक्ष्य से जोड़ने की कोशिश
‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य एक लंबे समय की विकास यात्रा से जुड़ा है। इस लक्ष्य को सफल बनाने के लिए सरकार के साथ-साथ नागरिकों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए इसी जनभागीदारी को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।
4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य अपने आप में बड़ा है। इसके लिए अभियान का प्रभावी संचालन, स्थानीय स्तर पर समन्वय और लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना महत्वपूर्ण होगा।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा काल को केंद्र में रखकर आयोजित किया जा रहा है। अभियान का लक्ष्य बड़ी संख्या में परिवारों और लाभार्थियों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ना है। अब इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अभियान किस स्तर तक आम लोगों तक पहुंचता है और कितनी प्रभावी तरीके से जनभागीदारी सुनिश्चित की जाती है।

