By: Mala Mandal
नई दिल्ली: दिवाली से पहले भारतीय रेलवे यात्रियों को बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। रेलवे की ओर से मुंबई-बेंगलुरु और वाराणसी-नई दिल्ली के बीच दो नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने की योजना सामने आई है। इन ट्रेनों के शुरू होने से लंबी दूरी की रातभर की यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर का विकल्प मिल सकता है। खास बात यह है कि दोनों रूट देश के प्रमुख आर्थिक, व्यापारिक और धार्मिक केंद्रों को आपस में जोड़ेंगे। 26 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन 31 अक्टूबर को और मुंबई-बेंगलुरु सेवा का उद्घाटन 1 नवंबर को प्रस्तावित है। हालांकि, यात्रियों को नियमित परिचालन, अंतिम समय-सारणी और टिकट बुकिंग से जुड़ी जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक घोषणा जरूर देखनी चाहिए।

मुंबई-बेंगलुरु वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: क्या होगा रूट?
मुंबई और बेंगलुरु के बीच प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से महाराष्ट्र और कर्नाटक के यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। यह ट्रेन मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) और बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) के बीच चलाने का प्रस्ताव है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस ट्रेन के संभावित स्टॉपेज में कल्याण, पुणे, सोलापुर, कलबुर्गी, रायचूर, गुंतकल और अनंतपुर शामिल हैं। इन स्टेशनों के माध्यम से ट्रेन कई प्रमुख शहरों और व्यापारिक क्षेत्रों को जोड़ सकती है।मुंबई से बेंगलुरु के बीच मौजूदा रेल यात्रा में काफी समय लगता है। ऐसे में नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों का समय बचाने और रात में आराम करते हुए सफर पूरा करने का विकल्प दे सकती है। इसका लाभ नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों, विद्यार्थियों और पर्यटन के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को मिल सकता है।

मुंबई-बेंगलुरु ट्रेन की टाइमिंग क्या होगी?
प्रस्तावित समय-सारणी के अनुसार, मुंबई से ट्रेन रात 8 बजकर 10 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर बेंगलुरु पहुंचेगी। इस यात्रा में लगभग 15 घंटे 45 मिनट लगने का अनुमान है। वापसी में बेंगलुरु से ट्रेन के शाम 7 बजकर 50 मिनट पर रवाना होने और अगले दिन मुंबई पहुंचने का प्रस्ताव बताया गया है। हालांकि, वापसी की यात्रा के समय को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर दिखाई देता है। इसलिए यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले रेलवे की अंतिम समय-सारणी से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। प्रस्तावित यात्रा अवधि मौजूदा उद्यान एक्सप्रेस की तुलना में लगभग छह घंटे से अधिक समय बचा सकती है। वास्तविक समय की बचत ट्रेन के अंतिम शेड्यूल और परिचालन पर निर्भर करेगी।

वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का रूट
दूसरी नई ट्रेन वाराणसी और राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के बीच चलाने की योजना है। यह ट्रेन उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ते हुए प्रयागराज और कानपुर के रास्ते दिल्ली पहुंचेगी। इस रूट से वाराणसी, प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को राजधानी तक पहुंचने के लिए एक और प्रीमियम रेल विकल्प मिल सकता है। धार्मिक यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और कारोबारियों के लिए भी यह सेवा उपयोगी साबित हो सकती है। रात में सफर शुरू करके सुबह दिल्ली पहुंचने की सुविधा मिलने से यात्रियों को दिन के समय का बेहतर इस्तेमाल करने का अवसर मिल सकता है। खासकर उन लोगों के लिए यह विकल्प सुविधाजनक हो सकता है, जिन्हें सुबह कार्यालय, परीक्षा, बैठक या अन्य जरूरी कामों के लिए दिल्ली पहुंचना होता है।

वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर की टाइमिंग
मीडिया रिपोर्टों में सामने आई प्रस्तावित समय-सारणी के अनुसार, ट्रेन संख्या 27421 वाराणसी से रात 8 बजकर 50 मिनट पर रवाना होगी। इसके रात 10 बजकर 35 मिनट पर प्रयागराज पहुंचने और पांच मिनट के ठहराव के बाद 10 बजकर 40 मिनट पर आगे बढ़ने का कार्यक्रम बताया गया है। इसके बाद ट्रेन रात 12 बजकर 40 मिनट पर कानपुर सेंट्रल पहुंच सकती है और अगले दिन सुबह 5 बजकर 55 मिनट पर नई दिल्ली पहुंचने का अनुमान है।वापसी में ट्रेन संख्या 27422 के नई दिल्ली से रात 9 बजकर 40 मिनट पर रवाना होने और अगले दिन सुबह 4 बजकर 45 मिनट पर प्रयागराज पहुंचने की जानकारी दी गई है। इसके बाद ट्रेन सुबह लगभग 6 बजकर 45 मिनट पर वाराणसी पहुंच सकती है।
ये समय रिपोर्टों में दी गई प्रस्तावित जानकारी पर आधारित हैं। नियमित परिचालन के लिए रेलवे द्वारा जारी अंतिम टाइम टेबल ही मान्य होगा।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया कितना होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल है कि इन नई ट्रेनों में सफर करने के लिए यात्रियों को कितना किराया देना होगा। प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर के थर्ड एसी यानी 3AC का किराया लगभग 2.40 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर बताया गया है। वहीं विभिन्न श्रेणियों के लिए प्रति किलोमीटर दर लगभग 2.40 रुपये से 3.80 रुपये के बीच बताई गई है। इस आधार पर 1,000 किलोमीटर की यात्रा के लिए 3AC का अनुमानित किराया 2,400 रुपये बनता है। यह गणना जीएसटी और अन्य लागू शुल्कों को शामिल किए बिना है। वास्तविक किराया यात्रा की दूरी, चुनी गई श्रेणी और रेलवे के अंतिम किराया निर्धारण के अनुसार अलग हो सकता है।
इसलिए यात्रियों को टिकट बुकिंग से पहले संबंधित ट्रेन, यात्रा की तारीख और उपलब्ध श्रेणी के अनुसार लागू किराया जांच लेना चाहिए।

टिकट बुकिंग और यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी
यात्रियों को टिकट की उपलब्धता, ट्रेन नंबर, स्टॉपेज और परिचालन के दिनों की पुष्टि रेलवे के आधिकारिक आरक्षण माध्यमों से करनी चाहिए। वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में RAC सुविधा नहीं होने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। टिकट की स्थिति और प्रतीक्षा सूची से जुड़े नियमों को बुकिंग के समय ध्यान से पढ़ना जरूरी है।रेलवे की अंतिम घोषणा के बाद ही नियमित सेवाओं की पूरी जानकारी स्पष्ट होगी। ऐसे में केवल प्रस्तावित समय-सारणी के आधार पर यात्रा की योजना बनाने से बचना चाहिए।

दिवाली पर यात्रियों को मिल सकता है नया विकल्प
मुंबई-बेंगलुरु और वाराणसी-नई दिल्ली के बीच नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की शुरुआत लंबी दूरी के रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। इससे यात्रियों को रात में यात्रा करने, समय बचाने और प्रमुख शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी का विकल्प मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, यात्रा से पहले ट्रेन की उपलब्धता, किराया और समय-सारणी की आधिकारिक पुष्टि करना जरूरी है। अब यात्रियों की नजर रेलवे की अंतिम घोषणा और टिकट बुकिंग शुरू होने की जानकारी पर रहेगी।


