By: Vikash Kumar (Vicky)

देवघर। ‘24 जिला, 24 संकल्प’ के नारे के साथ छात्र नेता देवेंद्र महतो सोमवार को देवघर पहुंचे। देवघर पहुंचने पर छात्रों और युवाओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान छात्र नेता ने युवाओं और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र और युवा अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुके हैं और सरकार की नीतियों तथा वादों को लेकर सवाल पूछने के लिए तैयार हैं। देवेंद्र महतो ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

देवघर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्रों और युवाओं की मौजूदगी में देवेंद्र महतो ने कहा कि ‘24 जिला, 24 संकल्प’ अभियान का उद्देश्य राज्य के सभी जिलों में छात्रों और युवाओं की समस्याओं को मजबूती से उठाना है। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं के सामने रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, नियुक्तियों में पारदर्शिता और सरकारी व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर सवाल हैं। इन मुद्दों को लेकर युवाओं में लगातार असंतोष बढ़ रहा है।

आंदोलन खत्म कराने को लेकर सरकार पर लगाया छल का आरोप
छात्र नेता देवेंद्र महतो ने आरोप लगाया कि सरकार ने चालाकी से छात्रों के आंदोलन को समाप्त करवाया और आंदोलनरत छात्रों के साथ छल किया। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से आंदोलन को खत्म कराया गया, उससे छात्रों के बीच नाराजगी है। उनका कहना था कि छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था और सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद की थी, लेकिन आंदोलन समाप्त होने के बाद भी कई मुद्दों का समाधान नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की भावनाओं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझना होगा। केवल आश्वासन देने से युवाओं की समस्याएं दूर नहीं होंगी। छात्रों को ऐसी व्यवस्था चाहिए जिसमें नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी हो, प्रतियोगी परीक्षाएं समय पर आयोजित हों और योग्य अभ्यर्थियों को उनके अधिकार के अनुसार रोजगार का अवसर मिले।

‘छात्र जाग चुके हैं, अब आंदोलन होगा व्यापक’
देवेंद्र महतो ने कहा कि झारखंड के छात्र अब जाग चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्र और युवा अपने अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन को गांव, प्रखंड और जिला स्तर तक मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन का अगला चरण पहले की तुलना में अधिक व्यापक हो सकता है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी।

देवेंद्र महतो ने कहा कि जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री आवास का घेराव, झारखंड में चक्का जाम सहित कई बड़े आंदोलन किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ जाना नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के अधिकारों को मजबूती से सामने रखना है।
रोजगार और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया का मुद्दा उठाया
छात्र नेता ने झारखंड में रोजगार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य के हजारों युवा वर्षों से सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं। कई युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अपना समय और पैसा लगा रहे हैं, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर बार-बार सामने आने वाली समस्याओं से युवाओं में निराशा पैदा होती है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि राज्य में नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और परीक्षाओं तथा नियुक्तियों का कैलेंडर स्पष्ट रूप से जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को बार-बार आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरने के बजाय ऐसी व्यवस्था मिलनी चाहिए, जिसमें उन्हें समय पर परीक्षा और रोजगार का अवसर मिले।
भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सरकार पर हमला
देवेंद्र महतो ने राज्य में कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में भ्रष्टाचार की स्थिति गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि चपरासी और चौकीदार से लेकर बीडीओ, पुलिस और सीओ तक की नौकरियों को बेचने जैसी स्थिति उत्पन्न होने का आरोप सामने आता रहा है।
हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से इस तरह के आरोपों की जांच कराने और सरकारी नियुक्तियों में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना था कि यदि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार होता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय न हो।
युवाओं से एकजुट होने का आह्वान
देवेंद्र महतो ने कहा कि झारखंड के युवाओं को अपने भविष्य को लेकर गंभीर होना होगा। उन्होंने छात्रों और युवाओं से जाति, क्षेत्र और व्यक्तिगत राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर एकजुट होने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवाओं की सबसे बड़ी ताकत उनकी एकता है। यदि छात्र और युवा अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से एकजुट होकर आवाज उठाते हैं तो सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना ही होगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर राज्यव्यापी आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।

‘24 जिला, 24 संकल्प’ अभियान से जुड़ेगा युवा वर्ग
छात्र नेता ने कहा कि ‘24 जिला, 24 संकल्प’ अभियान के माध्यम से झारखंड के सभी 24 जिलों में युवाओं और छात्रों के मुद्दों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। देवघर में उनके पहुंचने के बाद छात्रों और युवाओं की ओर से किए गए स्वागत को उन्होंने अभियान के प्रति समर्थन का संकेत बताया।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में विभिन्न जिलों में युवाओं के साथ संवाद किया जाएगा और स्थानीय स्तर पर उनकी समस्याओं को समझकर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल किसी एक जिले या एक मुद्दे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य के युवाओं से जुड़े व्यापक सवालों को लेकर आगे बढ़ेगा।
देवेंद्र महतो ने कहा कि झारखंड के युवाओं को रोजगार, पारदर्शी व्यवस्था और अपने अधिकार चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह छात्रों और युवाओं की मांगों को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो युवा शक्ति लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज करेगी।
देवघर में छात्र नेता के इस दौरे के बाद अब ‘24 जिला, 24 संकल्प’ अभियान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इन आरोपों और आंदोलन की चेतावनी पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।Meta Description
‘24 जिला, 24 संकल्प’ अभियान के तहत देवघर पहुंचे छात्र नेता देवेंद्र महतो ने सरकार पर छात्रों से छल का आरोप लगाया। आंदोलन तेज करने और मुख्यमंत्री आवास घेराव, चक्का जाम की चेतावनी दी।
