By: Mala Mandal
देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 के सफल संचालन के बाद अब देवघर में आयोजित हो रहे भादो मेला 2026 में भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था जारी है। इसी क्रम में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से बाबा बैद्यनाथ मंदिर और आसपास के मेला क्षेत्र में 12 सूचना एवं सहायता केंद्र सक्रिय रूप से संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य मेला क्षेत्र में अपने परिजनों से बिछड़ने वाले श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना और उन्हें उनके परिवार के सदस्यों से मिलाना है।

उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी श्री सौरभ कुमार भुवानिया ने जानकारी देते हुए बताया कि राजकीय श्रावणी मेला के दौरान जिस तरह श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सूचना एवं सहायता केंद्रों का संचालन किया गया था, उसी व्यवस्था को भादो मेला 2026 में भी प्रभावी रूप से जारी रखा गया है। मेला क्षेत्र में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। भीड़ के बीच कई बार श्रद्धालु अपने साथ आए परिजनों से अलग हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में सूचना एवं सहायता केंद्र उनके लिए काफी मददगार साबित हो रहे हैं।

प्रशासन के अनुसार, इन सूचना केंद्रों पर श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र से जुड़ी आवश्यक जानकारी के साथ-साथ सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। खासकर बिछड़े हुए श्रद्धालुओं और उनके परिजनों के बीच संपर्क स्थापित करने के लिए इन केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सूचना केंद्रों के माध्यम से अब तक 225 से अधिक श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया जा चुका है। इससे स्पष्ट है कि मेला के दौरान संचालित यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी साबित हो रही है।
12 स्थानों पर बनाए गए हैं सूचना एवं सहायता केंद्र
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से बाबा मंदिर और आसपास के प्रमुख स्थानों पर कुल 12 सूचना केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों को ऐसे स्थानों पर स्थापित किया गया है, जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक रहती है और जरूरत पड़ने पर वे आसानी से सहायता प्राप्त कर सकें। प्रशासन द्वारा चिन्हित सूचना एवं सहायता केंद्रों में नेहरू पार्क प्रवेश द्वार, सुविधा केंद्र बाबा मंदिर, शिवगंगा गोलघर, बीएड कॉलेज, मानसिंघी फुट ओवर ब्रिज, सरकार भवन मोड़, क्यू कॉम्प्लेक्स, भट्टर धर्मशाला, नेहरू पार्क पंडाल के अंदर, हिंदी विद्यापीठ, तिवारी चौक एवं जलसार चिल्ड्रेन पार्क शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर श्रद्धालुओं को आवश्यक सूचना और सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र में यदि कोई श्रद्धालु अपने परिवार के सदस्यों से बिछड़ जाता है या किसी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता की आवश्यकता होती है, तो वह नजदीकी सूचना एवं सहायता केंद्र पर पहुंचकर मदद ले सकता है।

बिछड़े श्रद्धालुओं को परिजनों से मिलाने में अहम भूमिका
बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ के कारण बच्चों, बुजुर्गों और अन्य श्रद्धालुओं के अपने परिजनों से अलग होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे समय में सूचना एवं सहायता केंद्र परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माध्यम बन जाते हैं। केंद्रों के माध्यम से बिछड़े श्रद्धालुओं की जानकारी एकत्रित की जाती है और उपलब्ध सूचना के आधार पर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया जाता है। देवघर में भादो मेला के दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा सूचना केंद्रों को सक्रिय रखना श्रद्धालुओं के लिए राहत की व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है। अब तक 225 से अधिक श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया जाना इस व्यवस्था की उपयोगिता को दर्शाता है।

मेला क्षेत्र में सूचना और सहायता का माध्यम
सूचना एवं सहायता केंद्रों की भूमिका केवल बिछड़े श्रद्धालुओं को मिलाने तक सीमित नहीं है। मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में भी इन केंद्रों का उपयोग किया जा रहा है। श्रद्धालु अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित केंद्र से मेला क्षेत्र, सुविधाओं अथवा अन्य आवश्यक जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन का प्रयास है कि भादो मेला के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए मेला क्षेत्र में विभिन्न विभागों के स्तर पर व्यवस्थाओं को सक्रिय रखा गया है। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा संचालित यह केंद्र श्रद्धालुओं और प्रशासन के बीच संपर्क के महत्वपूर्ण माध्यम के तौर पर काम कर रहे हैं।

श्रावणी मेला के बाद भी व्यवस्था जारी
राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान देवघर में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हुआ था। उस दौरान भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सूचना एवं सहायता केंद्रों को सक्रिय रखा गया था। श्रावणी मेला समाप्त होने के बाद अब भादो मेला में भी इस व्यवस्था को जारी रखा गया है।प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर घबराने के बजाय नजदीकी सूचना एवं सहायता केंद्र से संपर्क करें। विशेष रूप से यदि कोई व्यक्ति अपने परिजनों से बिछड़ जाता है तो तत्काल सूचना केंद्र पर जानकारी देने से परिजनों से संपर्क स्थापित करने में मदद मिल सकती है।

भादो मेला 2026 के दौरान 12 स्थानों पर संचालित सूचना एवं सहायता केंद्र श्रद्धालुओं के लिए भरोसेमंद सहायता केंद्र के रूप में काम कर रहे हैं। अब तक 225 से अधिक बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिवार से मिलाने की उपलब्धि प्रशासन की इस व्यवस्था की प्रभावशीलता को सामने लाती है। आने वाले दिनों में भी इन केंद्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सूचना और सहायता उपलब्ध कराने का सिलसिला जारी रहेगा।

