भारत मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र तेजी से चक्रवाती तूफान ‘सेन्यार’ का रूप ले सकता है। इस संभावित तूफान के अगले 24 घंटे बेहद अहम बताए जा रहे हैं, क्योंकि इसके तीव्र होकर उत्तर-पूर्व और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसके प्रभाव से भारत के कई तटीय और दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में ऊँची लहरें उठने की चेतावनी जारी की गई है।

तूफान ‘सेन्यार’ बनने की स्थिति क्या है?
IMD के विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में हवा के कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। यह सोमवार रात तक डिप्रेशन और फिर अगले 24 घंटों में डीप डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। इसके बाद इसके चक्रवाती तूफान ‘सेन्यार’ में बदलने की पूरी संभावना है।
मौसम मॉडल्स के मुताबिक, जैसे-जैसे यह सिस्टम गर्म समुद्री क्षेत्रों में आगे बढ़ेगा, इसकी रफ्तार और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं।
समुद्र से मिल रही नमी और अनुकूल हवा की दिशा तूफान को मजबूती दे रही है, जिसके चलते मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में अलर्ट का स्तर बढ़ा दिया है।
किन राज्यों में पड़ेगा तूफान का असर?
तूफान ‘सेन्यार’ के प्रभाव का सबसे ज्यादा असर भारत के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में देखने को मिल सकता है। इनमें प्रमुख रूप से ये राज्य शामिल हैं—
1. आंध्र प्रदेश
विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम, काकीनाड़ा और आसपास के तटीय जिलों में भारी बारिश की आशंका।
तेज हवाएं 60–80 किमी/घंटा तक पहुंच सकती हैं।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
2. तमिलनाडु
चेन्नई, नागपट्टिनम, पुडुकोट्टई सहित कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश।
कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
समुद्र में 3–4 मीटर तक ऊँची लहरों की चेतावनी।
3. ओडिशा
गजपति, गंजाम, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों में भारी बारिश।
हवाओं की गति 50-60 किमी/घंटा रहने का अनुमान।
निचले इलाकों में पानी भरने और तटीय क्षरण का खतरा।
4. पश्चिम बंगाल
दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर और कोलकाता के आस-पास हल्की से मध्यम बारिश।
समुद्र में तेज हवाओं और ऊँची लहरों के चलते अलर्ट जारी।
5. अंडमान-निकोबार द्वीप समूह
तूफान के शुरुआती चरण में सबसे तेज प्रभाव यहीं पर।
भारी बारिश और हवाओं की गति 70–90 किमी/घंटा तक पहुंचने का अनुमान।
अगले 24 घंटे क्यों बताए जा रहे हैं अहम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटे में तूफान की दिशा और तीव्रता काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी।
यही तय करेगा कि तूफान का लैंडफॉल कहां होगा और किन राज्यों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
समुद्र के तापमान में लगातार बढ़ोतरी और नमी की अत्यधिक उपलब्धता तूफान को और भी खतरनाक बना सकती है।
यदि प्रणाली तेजी से विकसित होती है, तो अगले 48–72 घंटों में व्यापक वर्षा और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा।
IMD और प्रशासन की तैयारी
राज्यों को येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया जा चुका है।
तटीय इलाकों में राज्य आपदा प्रबंधन दल तैनात किए जा रहे हैं।
मछली पकड़ने पर रोक, स्कूलों की छुट्टी और समुद्र तटों पर आवाजाही पर प्रतिबंध की संभावना।
बंदरगाहों पर चेतावनी संकेत स्तर बढ़ाया जा रहा है।
राज्य सरकारें लगातार मौसम विभाग से अपडेट ले रही हैं और तटीय गांवों को खाली करवाने का निर्णय भी परिस्थितियों के अनुसार लिया जा सकता है।
जनता के लिए जरूरी सलाह
अनावश्यक रूप से समुद्र तटों पर न जाएं।
मोबाइल पर अलर्ट और मौसम अपडेट पर नजर रखें।
तेज हवा में पुराने पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
बिजली कटने की आशंका में टॉर्च और बैकअप चार्जिंग तैयार रखें।
पानी भरने वाले क्षेत्रों में गाड़ी से यात्रा से बचें।
तूफान सेन्यार से क्या होंगे संभावित खतरे?
तटीय क्षेत्रों में जोरदार समुद्री लहरें
पेड़ उखड़ने, बिजली के खंभे गिरने की आशंका
शहरी क्षेत्रों में जलभराव
फसलों को नुकसान
नदी और समुद्री जलस्तर में वृद्धि
मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि यदि तूफान तेजी से मजबूत हुआ, तो इसके प्रभाव व्यापक हो सकते हैं और प्रभावित क्षेत्रों की संख्या भी बढ़ सकती है।
चक्रवाती तूफान ‘सेन्यार’ एक बार फिर भारत के दक्षिण-पूर्व से लेकर पूर्वी तट तक चिंता बढ़ा रहा है। मौसम विभाग इसकी दिशा और तीव्रता पर लगातार नजर रखे हुए है। हालांकि अभी इसका अंतिम मार्ग स्पष्ट नहीं है, लेकिन आगामी 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं।
सभी तटीय राज्यों को सतर्क रहना होगा और नागरिकों को मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

