By: Mala Mandal
देवघर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अपराध नियंत्रण की दिशा में रणनीति तय करने के उद्देश्य से मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने की। बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक और संबंधित पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष रूप से लंबित मामलों के निष्पादन, अपराध नियंत्रण, अनुसंधान की गुणवत्ता और जनता से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान पर चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से निष्पादित किया जाए।
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में पुराने और लंबित मामलों के निष्पादन को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच प्रक्रिया को तेज किया जाए और प्रत्येक मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध दर्ज करना नहीं बल्कि उसका निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान करना भी है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक थाना स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि मामलों के निष्पादन में पारदर्शिता और गति लाई जा सके। पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि गंभीर मामलों में लगातार मॉनिटरिंग की जाए और पीड़ित पक्ष को भी कार्रवाई की प्रगति से अवगत कराया जाए।

श्रावणी मेला 2026 को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
बैठक के दौरान आगामी विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि श्रावणी मेला देवघर के लिए धार्मिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है। ऐसे में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है। प्रमुख मंदिर क्षेत्र, यातायात मार्ग, भीड़ प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यातायात संचालन को भी व्यवस्थित बनाने की योजना तैयार की जा रही है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य रहेगा कि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में बाबा मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर सकें।

नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान जारी
मीडिया से बातचीत के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और नशा तस्करों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जा रही है। जिले के विभिन्न इलाकों में अभियान चलाकर अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान और गिरफ्तारी की जा रही है। एसपी ने स्पष्ट किया कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं बल्कि जागरूकता भी आवश्यक है। इस दिशा में भी पुलिस विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही है।

साइबर अपराधियों पर भी कड़ी नजर
बैठक में साइबर अपराध को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बदलते समय में साइबर अपराध तेजी से चुनौती बनकर सामने आ रहा है। ऐसे में जिले की पुलिस तकनीकी स्तर पर अपनी क्षमता को मजबूत कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक, बैंकिंग फ्रॉड या ऑनलाइन धोखाधड़ी से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि साइबर मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया दी जाए तथा शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश
बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट संदेश दिया कि देवघर पुलिस जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नशा तस्करों, साइबर अपराधियों और अन्य असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस और आम जनता के सहयोग से ही अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाया जा सकता है। इसलिए नागरिकों से भी अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को तुरंत दें।

देवघर पुलिस की यह मासिक अपराध गोष्ठी आगामी श्रावणी मेला, अपराध नियंत्रण और बेहतर कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

