BY VIKASH KUMAR ( VICKY )
देवघर। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत देवघर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक देवघर के निर्देश पर साइबर थाना देवघर द्वारा की गई कार्रवाई में फर्जी कस्टमर केयर बनकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले आठ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई 21 दिसंबर 2025 को की गई, जिसमें पथरड्डा ओपी क्षेत्र अंतर्गत तेतेरिया स्थित जंगल झाड़ से इन साइबर अपराधियों को पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार साइबर अपराधी लंबे समय से ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। ये लोग स्वयं को Flipkart Cart Customer Care, Amazon Customer Care, PhonePe, Paytm, Airtel Payment Bank के अधिकारी बनकर आम नागरिकों को झांसे में लेते थे। इसके अलावा पीएम किसान योजना, लोन दिलाने और केवाईसी अपडेट के नाम पर भी लोगों को ठगा जा रहा था।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
साइबर थाना को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि पथरड्डा ओपी क्षेत्र के जंगल में कुछ संदिग्ध लोग मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड के माध्यम से साइबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया और त्वरित छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान मौके से आठ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सभी आरोपी संगठित रूप से साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे और अलग-अलग तरीकों से लोगों को ऑनलाइन जाल में फंसाते थे।

ऐसे करते थे साइबर ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी Google पर फर्जी मोबाइल नंबर को कस्टमर केयर के नाम से अपलोड करते थे। जब कोई उपभोक्ता सहायता के लिए उस नंबर पर कॉल करता था, तो आरोपी स्वयं को संबंधित कंपनी का अधिकारी बताकर बात करते थे।
इसके बाद Cash Back, Gift Card, KYC Update, Bank Card बंद होने की सूचना, या पुनः चालू कराने के नाम पर लिंक भेजा जाता था। जैसे ही उपभोक्ता लिंक पर क्लिक करता था, उसके मोबाइल या बैंक खाते की जानकारी अपराधियों तक पहुंच जाती थी और फिर खाते से अवैध रूप से राशि निकाल ली जाती थी।
Airtel Thanks App और Gift Card का दुरुपयोग
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी Airtel Payment Bank के फर्जी अधिकारी बनकर Airtel Thanks App के माध्यम से उपभोक्ताओं को भ्रमित करते थे। कार्ड बंद होने या तकनीकी समस्या का हवाला देकर उपभोक्ताओं से ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल की जाती थी।
इसके अलावा PhonePe और Paytm Gift Card बनाकर उसे Redeem कर अवैध लेनदेन किया जाता था। इस पूरे नेटवर्क में फर्जी सिम कार्ड और अलग-अलग मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जा रहा था ताकि पहचान छिपाई जा सके।
बरामद सामान
गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास से पुलिस ने बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार—
कुल 09 मोबाइल फोन
11 सिम कार्ड, जिनमें 03 प्रतिबंधित सिम शामिल हैं
बरामद किए गए सभी उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि ठगी से जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा हो सके।
जनवरी 2025 से अब तक बड़ी कार्रवाई
साइबर थाना देवघर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जनवरी 2025 से अब तक जिले में कुल 772 साइबर अपराधियों एवं विधि-विरुद्ध किशोरों को गिरफ्तार या निरुद्ध किया गया है। इस दौरान—
9951 मोबाइल फोन
1199 सिम कार्ड
जिनमें 279 प्रतिबंधित सिम कार्ड
जब्त किए जा चुके हैं। यह आंकड़े जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्त और निरंतर कार्रवाई को दर्शाते हैं।
पुलिस की अपील
देवघर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें। कोई भी बैंक, कस्टमर केयर या सरकारी योजना फोन पर ओटीपी, पिन या व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगती है। यदि किसी को साइबर ठगी की आशंका हो, तो तुरंत साइबर थाना या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा और किसी भी कीमत पर आम लोगों की गाढ़ी कमाई को लूटने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
