By: Vikash Kumar (Vicky )
आज 30 दिसंबर 2025, मंगलवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज पौष माह की पुत्रदा एकादशी का पुण्यकाल है, जिसे संतान सुख, पारिवारिक समृद्धि और पितृ दोष शांति के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। वर्ष 2025 का यह अंतिम मंगलवार भी है, जिससे आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाता है। आज चंद्रमा का गोचर मेष राशि में भरणी नक्षत्र से हो रहा है। चंद्रमा और गुरु के बीच त्रिएकादश भाव का संबंध बन रहा है, जिससे वसुमान योग का निर्माण हो रहा है। यह योग धन लाभ, यश और पारिवारिक सुख का कारक माना जाता है। वहीं मंगलवार के दिन सूर्य और मंगल की युति होने से दिन और भी मंगलकारी बन गया है।
आज की तिथि और पंचांग विवरण
आज पौष शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे पौष पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह तिथि संतान प्राप्ति की कामना रखने वाले दंपतियों के लिए विशेष फल प्रदान करने वाली मानी जाती है। आज का दिन विष्णु पूजा और व्रत के लिए अत्यंत शुभ है।
वार मंगलवार होने के कारण हनुमान जी और मंगल देव की पूजा का भी विशेष महत्व है। पौष मास होने से आज का स्नान, दान और जप कई गुना पुण्य फल देने वाला माना गया है।

आज का शुभ मुहूर्त 30 दिसंबर 2025
आज ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और ध्यान करने से विशेष फल प्राप्त होता है। अभिजीत मुहूर्त में भगवान विष्णु की पूजा करना अत्यंत शुभ रहेगा। विजय मुहूर्त में किए गए कार्यों में सफलता मिलने के योग बनते हैं। संध्या काल में दीपदान और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से संतान और परिवार से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं।
पौष पुत्रदा एकादशी पूजा विधि
आज प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। घर के मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। पीले पुष्प, तुलसी दल, फल और पंचामृत अर्पित करें। विष्णु सहस्रनाम या पुत्रदा एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। अंत में भगवान से संतान सुख, परिवार की उन्नति और जीवन में स्थिरता की कामना करें। एकादशी के दिन अन्न का सेवन वर्जित माना गया है। फलाहार या निर्जला व्रत अपनी क्षमता अनुसार रखें। द्वादशी तिथि को पारण करना आवश्यक माना जाता है।
पुत्रदा एकादशी का धार्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने से संतान से जुड़ी बाधाएं दूर होती हैं। जिन दंपतियों को संतान सुख नहीं मिल रहा हो, उनके लिए यह व्रत विशेष फलदायी होता है। साथ ही यह व्रत पितृ दोष, ग्रह बाधा और पारिवारिक तनाव को भी शांत करता है।
आज के विशेष योग का प्रभाव
आज बना वसुमान योग आर्थिक मजबूती और पारिवारिक सुख प्रदान करता है। सूर्य-मंगल युति साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ाने वाली मानी जाती है। ऐसे में आज का दिन धार्मिक कार्यों के साथ-साथ नए संकल्प लेने के लिए भी श्रेष्ठ है।
यह पंचांग और धार्मिक जानकारी सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं एवं मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी विशेष पूजा, व्रत या निर्णय से पहले अपने स्थानीय पंचांग या योग्य विद्वान से परामर्श अवश्य करें। यह जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन हेतु दी गई है।
