By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां ड्यूटी के दौरान अचानक गिरने से एक युवा सिक्योरिटी गार्ड की मौत हो गई। बासुकीनाथ फोर लेन सड़क निर्माण कंपनी में कार्यरत 20 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड अशोक कुमार यादव का इलाज के क्रम में रास्ते में ही प्राणांत हो गया। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है, वहीं इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

मृतक अशोक कुमार यादव मोहनपुर थाना क्षेत्र के लोदीवरान गांव का रहने वाला था। वह पिछले काफी समय से बासुकीनाथ फोर लेन निर्माण परियोजना में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत था। परिजनों के अनुसार, अशोक मेहनती, जिम्मेदार और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने वाला एकमात्र सहारा था।
ड्यूटी के दौरान अचानक गिर पड़ा युवक
जानकारी के अनुसार, सोमवार की सुबह अशोक कुमार यादव अपनी निर्धारित ड्यूटी पर रुपायडीह गांव के समीप सड़क निर्माण कार्य स्थल पर गया हुआ था। इसी दौरान अचानक वह निर्माण स्थल के पास गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने जब उसे जमीन पर पड़ा देखा तो तत्काल परिजनों और स्थानीय लोगों को सूचना दी गई। उस समय अशोक अचेत अवस्था में था और उसकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही थी।
निजी क्लीनिक से दुर्गापुर और फिर रांची रेफर
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से अशोक को इलाज के लिए देवघर शहर के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसकी हालत गंभीर बताई और बेहतर इलाज के लिए उसे दुर्गापुर रेफर कर दिया। दुर्गापुर पहुंचने पर भी चिकित्सकों ने स्थिति को अत्यंत नाजुक बताते हुए तत्काल रांची स्थित रिम्स (RIMS) रेफर कर दिया। परिजन बिना देर किए उसे एंबुलेंस के जरिए रांची ले जाने के लिए निकले, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही अशोक कुमार यादव ने दम तोड़ दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अशोक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के भाई ने बताया कि अशोक ही परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहा था। कम उम्र में ही उस पर पूरे परिवार का बोझ आ गया था, जिसे वह पूरी ईमानदारी और मेहनत से निभा रहा था। परिजनों ने यह भी बताया कि अशोक की ड्यूटी अक्सर कठिन और जोखिम भरी परिस्थितियों में लगाई जाती थी। सड़क निर्माण स्थल पर भारी मशीनें, वाहनों की आवाजाही और पर्याप्त सुरक्षा संसाधनों की कमी के बावजूद वह पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाता था।

पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद मोहनपुर थाना पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया है। पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी जुटाई और मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन शुरू कर दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
कंपनी प्रशासन ने जताया शोक
बासुकीनाथ फोर लेन निर्माण कंपनी के अधिकारियों ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। कंपनी प्रशासन की ओर से मृतक के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की गई है। साथ ही आश्वासन दिया गया है कि नियमानुसार जो भी सहायता और मुआवजा बनता है, उस पर विचार किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सड़क निर्माण परियोजनाओं में कार्यरत सिक्योरिटी गार्डों और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण स्थलों पर कार्य करने वाले सुरक्षाकर्मियों के लिए स्वास्थ्य जांच, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा संसाधनों को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण स्थलों पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए नियमित मेडिकल चेकअप, एंबुलेंस की उपलब्धता और त्वरित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
शोक में डूबा गांव
लोदीवरान गांव में अशोक की असमय मौत से हर आंख नम है। गांव के लोग उसे एक शांत, मेहनती और जिम्मेदार युवक के रूप में याद कर रहे हैं। सभी ने प्रशासन और कंपनी से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सहायता देने की मांग की है।

