By: Mala Mandal
पश्चिम बंगाल STF की बड़ी कार्रवाई, सुवेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में बिहार और यूपी से 3 संदिग्ध हिरासत में
पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचाने वाले चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में अब जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स यानी STF ने इस मामले में बिहार और उत्तर प्रदेश से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि इन संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है और हत्या की साजिश से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।

चंद्रनाथ रथ, नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे। उनकी हत्या के बाद से राज्य की राजनीति गरमा गई थी। विपक्ष लगातार कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठा रहा था। अब STF की इस कार्रवाई के बाद मामले की जांच ने नया मोड़ ले लिया है।
जानकारी के मुताबिक, STF की टीम पिछले कई दिनों से तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर जांच कर रही थी। इसी दौरान कुछ संदिग्ध नंबरों और लोकेशन की पहचान हुई। जांच एजेंसियों को शक हुआ कि हत्या की साजिश राज्य से बाहर बैठकर रची गई थी। इसके बाद बिहार और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की गई।

सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्धों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनका सीधा संबंध हत्या से है या फिर ये किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हैं। STF अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के बाद कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। बताया जा रहा है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या बेहद सुनियोजित तरीके से की गई थी। हमलावरों ने पहले उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और फिर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस को शुरुआती जांच में प्रोफेशनल क्रिमिनल गैंग के शामिल होने का संदेह है।

इस बीच, सुवेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं और उनके करीबी लोगों को टारगेट किया जा रहा है। अधिकारी ने मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग भी उठाई है।
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि STF निष्पक्ष तरीके से जांच कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने भी कहा है कि मामले की हर एंगल से जांच हो रही है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के लिए विशेष टीम बनाई गई है। उनके मोबाइल फोन, बैंक ट्रांजैक्शन और यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। STF यह भी जांच कर रही है कि हत्या के पीछे कोई राजनीतिक साजिश थी या मामला निजी दुश्मनी से जुड़ा हुआ है।

जांच एजेंसियों को कुछ सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिनमें संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने की बात कही जा रही है। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है। माना जा रहा है कि डिजिटल सबूतों के आधार पर जल्द ही मामले में और खुलासे हो सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गर्मा सकता है। विपक्ष जहां कानून-व्यवस्था को मुद्दा बना रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहा है।

फिलहाल पूरे मामले पर राज्य की नजर बनी हुई है। STF की कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही हत्या की गुत्थी सुलझ सकती है। जांच एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्ध सीधे तौर पर हत्या में शामिल थे या फिर इनके जरिए किसी बड़े मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में STF की जांच इस पूरे मामले से पर्दा उठा सकती है।

