By: Vikash Kumar (Vicky)
हिमाचल प्रदेश का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली इन दिनों भारी बर्फबारी और अचानक बढ़ी पर्यटकों की संख्या के कारण गंभीर अव्यवस्था का सामना कर रहा है। मनाली और उसके आसपास के इलाकों में करीब 8 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है, जिससे हजारों पर्यटक घंटों तक सड़कों पर फंसे रहे। हालात ऐसे हो गए कि होटल पूरी तरह फुल हो गए और कई पर्यटकों को कड़ाके की ठंड में अपनी गाड़ियों या सड़कों पर ही रात गुजारनी पड़ी।

अचानक बढ़ा पर्यटकों का दबाव
वीकेंड और छुट्टियों के चलते दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से भारी संख्या में सैलानी मनाली पहुंचे। बर्फबारी की खबरों ने पर्यटकों का उत्साह और बढ़ा दिया, लेकिन स्थानीय प्रशासन इस भारी भीड़ को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार नजर नहीं आया। परिणामस्वरूप मनाली-रोहतांग, मनाली-सोलंग और मनाली-कुल्लू मार्गों पर लंबा जाम लग गया।
8 किलोमीटर तक थमी रहीं गाड़ियां
स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अनुसार, मनाली के बाहरी इलाकों में करीब 8 किलोमीटर लंबा जाम देखने को मिला। कई वाहन 6 से 8 घंटे तक एक ही जगह खड़े रहे। बर्फबारी के कारण सड़कें फिसलन भरी हो गईं, जिससे ट्रैफिक की रफ्तार और धीमी हो गई। कुछ स्थानों पर वाहन आपस में फंस गए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

होटल फुल, पर्यटकों की मजबूरी
मनाली में मौजूद अधिकतर होटल, होमस्टे और गेस्ट हाउस पहले से ही बुक थे। अचानक पहुंचे पर्यटकों के लिए रहने की कोई व्यवस्था नहीं बची। कई परिवारों को मजबूरन अपनी गाड़ियों में ही रात बितानी पड़ी। तापमान शून्य से नीचे चला गया, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कड़ाके की ठंड में सड़क पर रात
पर्यटकों का कहना है कि रात के समय तापमान -2 से -5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। ठंड से बचने के लिए लोग गाड़ियों में हीटर चलाते रहे, लेकिन ईंधन खत्म होने का डर बना रहा। कई लोग अलाव जलाकर खुद को गर्म रखने की कोशिश करते दिखे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सड़क किनारे कंबल में लिपटे नजर आए।

प्रशासन की अपील और राहत प्रयास
स्थिति बिगड़ने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया और बाहरी वाहनों को मनाली में प्रवेश से रोकने की अपील की। प्रशासन की ओर से पर्यटकों को सलाह दी गई कि वे बिना होटल बुकिंग के मनाली की ओर न आएं।
कुछ स्थानों पर रात के समय चाय, सूप और कंबल भी वितरित किए गए। हालांकि, पर्यटकों का कहना है कि मदद देर से पहुंची और व्यवस्था नाकाफी रही।

पर्यटकों का गुस्सा, प्रशासन पर सवाल
फंसे पर्यटकों ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हर साल सर्दियों में मनाली में भारी भीड़ उमड़ती है, फिर भी ट्रैफिक और ठहरने की पुख्ता व्यवस्था क्यों नहीं की जाती। कई पर्यटकों ने सोशल मीडिया पर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई।
स्थानीय लोगों की भी बढ़ी परेशानी
जाम और अव्यवस्था का असर स्थानीय लोगों पर भी पड़ा। जरूरी कामों से निकलने वाले लोग घंटों जाम में फंसे रहे। स्कूल जाने वाले बच्चों और मरीजों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अव्यवस्थित पर्यटन से छवि खराब हो रही है।

आगे क्या है समाधान?
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि मनाली जैसे संवेदनशील हिल स्टेशन में कैपेसिटी आधारित पर्यटन लागू करना जरूरी है। सीमित वाहनों की अनुमति, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट जैसी व्यवस्थाएं भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा सकती हैं।
प्रशासन की चेतावनी
प्रशासन ने साफ किया है कि मौसम खराब रहने की स्थिति में रोहतांग और ऊंचाई वाले इलाकों की ओर जाने पर रोक लगाई जा सकती है। पर्यटकों से अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।
