By :Vikash Kumar (Vicky)
हिंदू धर्म में माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में माघ मासिक दुर्गाष्टमी आज 26 जनवरी, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह माघ गुप्त नवरात्रि का आठवां दिन भी है। गुप्त नवरात्रि को शक्ति साधना, मंत्र सिद्धि और विशेष उपासना के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस पावन तिथि पर मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों के जीवन से रोग, कष्ट, भय और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

माघ मासिक दुर्गाष्टमी का दिन साधकों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष फल देने वाला माना जाता है। इस दिन देवी दुर्गा के साथ-साथ मां बगलामुखी, मां काली और मां चामुंडा की भी पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार गुप्त नवरात्रि की अष्टमी पर की गई साधना गुप्त रूप से कार्य करती है और शीघ्र फल प्रदान करती है।
माघ मासिक दुर्गाष्टमी का धार्मिक महत्व
मासिक दुर्गाष्टमी हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को आती है, लेकिन माघ माह की दुर्गाष्टमी का महत्व सबसे अधिक माना गया है। इस दिन मां दुर्गा शक्ति के पूर्ण स्वरूप में पूजित होती हैं। मान्यता है कि जो भक्त इस दिन व्रत रखकर मां दुर्गा की आराधना करता है, उसके जीवन से भय, दरिद्रता और मानसिक अशांति दूर हो जाती है। माघ गुप्त नवरात्रि में यह तिथि विशेष सिद्धिदायक मानी जाती है।

Durga Ashtami 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि आज 26 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी। पूजा-पाठ और साधना के लिए ब्रह्म मुहूर्त और अभिजित मुहूर्त को विशेष रूप से शुभ माना गया है। इस दिन प्रातः काल में स्नान के बाद पूजा करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा विधि
माघ दुर्गाष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान को साफ कर लाल या पीले वस्त्र पर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। मां को लाल पुष्प, अक्षत, रोली, चंदन, धूप और दीप अर्पित करें। इसके बाद देवी को फल, मिठाई और प्रसाद अर्पित करें। पूजा के दौरान दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।

दुर्गा अष्टमी के शुभ मंत्र
माघ मासिक दुर्गाष्टमी पर निम्न मंत्रों का जाप करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
या
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते
इन मंत्रों का श्रद्धा के साथ जाप करने से मां दुर्गा शीघ्र प्रसन्न होती हैं।

दुर्गा अष्टमी की आरती
दुर्गाष्टमी के दिन पूजा के अंत में मां दुर्गा की आरती करना अत्यंत शुभ माना जाता है। आरती के दौरान मन को शांत रखें और मां से सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति की कामना करें। मान्यता है कि आरती करने से पूजा पूर्ण मानी जाती है और देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

दुर्गाष्टमी व्रत के लाभ
माघ मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत करने से भक्तों को मानसिक शांति, आत्मबल और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है, जो रोग, भय, शत्रु बाधा या ग्रह दोष से परेशान रहते हैं।

यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है। तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि में स्थान एवं पंचांग भेद के अनुसार अंतर संभव है। किसी भी विशेष साधना या व्रत से पहले योग्य विद्वान या आचार्य की सलाह अवश्य लें।

