By: Mala Mandal
आज का दिन क्यों है बेहद खास
14 मई 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज एक साथ तीन शुभ योग बन रहे हैं, जिसके कारण पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक कार्यों का महत्व कई गुना बढ़ गया है। पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। इसके साथ ही गुरु प्रदोष व्रत और गुरुवार व्रत का विशेष संयोग भी बन रहा है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

आज का पंचांग 14 मई 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी। आज रेवती नक्षत्र, तैतिल करण और प्रीति योग का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह योग पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए बेहद शुभ माना जाता है। हालांकि पंचक का प्रभाव सुबह से लेकर रात तक रहेगा, इसलिए कुछ कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

गुरु प्रदोष व्रत का विशेष महत्व
आज गुरु प्रदोष व्रत भी रखा जा रहा है। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और जब यह गुरुवार के दिन पड़ता है, तो इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यता है कि गुरु प्रदोष व्रत रखने और शिव पूजा करने से व्यक्ति के जीवन के दुख-दर्द दूर होते हैं तथा आर्थिक और पारिवारिक समस्याओं में राहत मिलती है।
विष्णु पूजा से मिलेगा शुभ फल
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। इस दिन पीले वस्त्र धारण करना, केले के वृक्ष की पूजा करना और भगवान विष्णु को पीले फूल व चने की दाल अर्पित करना शुभ माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

आज के शुभ योग कौन-कौन से हैं
आज बनने वाले शुभ योगों में प्रीति योग विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है। ज्योतिष के अनुसार यह योग प्रेम, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा गुरु प्रदोष व्रत और गुरुवार व्रत का संयोग भी दिन को अत्यंत शुभ बना रहा है। इस दौरान किए गए पूजा-पाठ और मंत्र जाप का विशेष फल प्राप्त हो सकता है।

पंचक का रहेगा प्रभाव
आज सुबह से रात तक पंचक का प्रभाव रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए। विशेष रूप से दक्षिण दिशा की यात्रा, घर निर्माण या लकड़ी से जुड़े कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि पूजा-पाठ और भगवान का स्मरण करना इस दौरान शुभ माना गया है।

गुरु प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त
आज गुरु प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ समय शाम 7 बजकर 4 मिनट से शुरू होगा। इस दौरान भगवान शिव का अभिषेक, दीप जलाना और शिव मंत्रों का जाप करना अत्यंत फलदायी माना गया है। श्रद्धालु इस समय शिव मंदिर जाकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

आज का राहुकाल
पंचांग के अनुसार आज राहुकाल दोपहर के समय रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार राहुकाल में किसी नए और शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। हालांकि भगवान की पूजा और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है।

इन कार्यों के लिए शुभ रहेगा दिन
आज का दिन धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ, दान-पुण्य और आध्यात्मिक कार्यों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। विशेष रूप से भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त हो सकती है।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है। किसी भी पूजा, व्रत या ज्योतिषीय उपाय को करने से पहले विशेषज्ञ या पंडित की सलाह अवश्य लें।

