By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर जिले के सारठ थाना क्षेत्र अंतर्गत बामनगामा गाँव में शहीद गणेश चंद्र पांडे के वीरता पदक की चोरी से जुड़ा संवेदनशील मामला देवघर पुलिस ने सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल शहीद का अमूल्य वीरता पदक सुरक्षित बरामद कर लिया, बल्कि घटना में संलिप्त दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

यह मामला केवल चोरी की घटना नहीं था, बल्कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद के सम्मान से जुड़ा हुआ था, जिसे देवघर पुलिस प्रशासन ने पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लिया।
घटना का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 25 नवंबर 2025 को शहीद गणेश चंद्र पांडे के पुत्र श्री लक्ष्मण पांडेय द्वारा सारठ थाना में एक लिखित आवेदन देकर अपने पिता के वीरता पदक एवं अन्य सामान की चोरी की सूचना दी गई थी। इस संबंध में सारठ थाना कांड संख्या 99/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
शहीद का वीरता पदक परिवार के लिए केवल एक धरोहर नहीं, बल्कि उनके बलिदान और राष्ट्र सेवा का जीवंत प्रतीक है। इस कारण घटना सामने आते ही स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश और भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए देवघर पुलिस प्रशासन ने बिना विलंब किए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। टीम को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मामले का जल्द से जल्द खुलासा कर शहीद परिवार को उनका सम्मान वापस दिलाया जाए।

जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, स्थानीय खुफिया जानकारी और गुप्तचर तंत्र की मदद से संदिग्धों की पहचान शुरू की। लगातार छापेमारी और पूछताछ के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को चिन्हित किया।
गिरफ्तारी और बरामदगी
शुक्रवार को विशेष जांच टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हिरासत में लेकर जब उनसे सख्ती से पूछताछ की गई, तो आरोपियों ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने बामनगामा गाँव के डंगाल इलाके में स्थित एक कुएँ की तलाशी ली। सावधानीपूर्वक तलाशी अभियान के दौरान शहीद गणेश चंद्र पांडे का वीरता पदक सुरक्षित अवस्था में बरामद कर लिया गया।पदक की बरामदगी के बाद शहीद परिवार सहित पूरे क्षेत्र में राहत और संतोष का माहौल देखा गया।
वर्तमान स्थिति और आगे की जांच
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बरामद वीरता पदक का विधिवत दस्तावेजीकरण किया जा रहा है, जिसके बाद इसे शीघ्र ही शहीद परिवार को सौंप दिया जाएगा।
इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस घटना में कहीं कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह शामिल तो नहीं था। सभी पहलुओं पर गहन जांच जारी है।

पुलिस अधीक्षक का बयान
इस पूरे मामले पर देवघर पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ ने कहा—
“यह मामला केवल संपत्ति की चोरी का नहीं था, बल्कि हमारे देश के एक शहीद के अमर सम्मान से जुड़ा हुआ था। देवघर पुलिस ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया और पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ कार्य किया। शहीद परिवार को उनका अमूल्य वीरता पदक वापस दिला पाना हमारे लिए गर्व का विषय है। यह सफलता हमारे गुप्तचर तंत्र, तकनीकी कौशल और आम जनता के सहयोग का परिणाम है। देवघर पुलिस शहीदों के सम्मान की रक्षा के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है।”

जनता में पुलिस की सराहना
घटना के सफल उद्भेदन के बाद स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं पूर्व सैनिकों द्वारा देवघर पुलिस की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की जमकर सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि शहीदों के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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