By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर में साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में साइबर थाना देवघर की टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी कस्टमर केयर बनकर ऑनलाइन ठगी करने वाले पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किए हैं।

यह कार्रवाई देवघर पुलिस अधीक्षक सौरभ (भा.पु.से.) के निर्देश पर की गई। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस उपाधीक्षक राजा कुमार मित्रा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।

पुलिस ने बताया कि 9 मार्च 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर सारठ थाना क्षेत्र के पुर्नीकरहैया जंगल में छापेमारी की गई, जहां से पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
जंगल में बैठकर चल रहा था साइबर ठगी का नेटवर्क
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सारठ थाना क्षेत्र के पुर्नीकरहैया जंगल में कुछ लोग फर्जी कॉल सेंटर की तरह काम कर रहे हैं और लोगों को फोन कर खुद को Flipkart Customer Care, Amazon Customer Care, Airtel Payment Bank अधिकारी बताकर ठगी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही साइबर थाना की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पांच लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी गूगल पर अपना फर्जी मोबाइल नंबर कस्टमर केयर के नाम से अपलोड कर देते थे। जब कोई ग्राहक मदद के लिए उस नंबर पर कॉल करता था, तो आरोपी खुद को कंपनी का अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसा लेते थे। इसके बाद आरोपी पीड़ितों को अलग-अलग योजनाओं और ऑफरों का लालच देकर उनसे ऑनलाइन ठगी करते थे।
इस तरह लोगों को बनाते थे ठगी का शिकार
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार साइबर अपराधी कई अलग-अलग तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। सबसे पहले आरोपी गूगल पर अपने मोबाइल नंबर को कस्टमर केयर हेल्पलाइन के रूप में अपलोड कर देते थे। इसके बाद जब कोई व्यक्ति किसी कंपनी की सेवा से जुड़ी समस्या के लिए गूगल पर नंबर खोजकर कॉल करता था, तो ये लोग खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर बात करते थे। इसके अलावा आरोपी PhonePe और Paytm Customer Care बनकर भी लोगों को कॉल करते थे और कैशबैक का लालच देकर उनसे PhonePe Gift Card बनवाते थे, जिसे बाद में खुद रिडीम कर लेते थे।

इसी तरह कुछ मामलों में आरोपी खुद को Airtel Payment Bank अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे और कहते थे कि उनका बैंक कार्ड बंद हो गया है। फिर उसे चालू कराने के नाम पर लोगों से OTP और अन्य जानकारी लेकर ठगी करते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी प्रधानमंत्री किसान योजना, SBI क्रेडिट कार्ड लिंक भेजने जैसे बहाने बनाकर भी लोगों को झांसे में लेते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने इस मामले में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
1. असलम अंसारी (उम्र लगभग 30 वर्ष), पिता जहरुद्दीन मियां, निवासी कालीजोत, थाना सारठ
2. राहुल कुमार दास (उम्र लगभग 20 वर्ष), पिता स्व. आनन्दी दास, निवासी कोरकोटा, थाना मधुपुर
3. आशीष यादव (उम्र लगभग 30 वर्ष), पिता अनिरुद्ध यादव, निवासी बाबूपुर, थाना मोहनपुर
4. विपिन कुमार यादव (उम्र लगभग 26 वर्ष), पिता योगेन्द्र प्रसाद यादव, निवासी कुशमाहा
5. नितीश कुमार (उम्र लगभग 27 वर्ष), पिता योगेन्द्र प्रसाद यादव, निवासी कुशमाहा, जिला देवघर
सभी आरोपी देवघर जिले के ही अलग-अलग क्षेत्रों के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

पुलिस ने बरामद किए मोबाइल और सिम कार्ड
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अपराधियों के पास से 7 मोबाइल फोन और 8 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस इन मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है और इस गिरोह के अन्य सदस्य कौन-कौन हैं।

साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्ती
देवघर पुलिस ने कहा है कि जिले में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। लोगों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें और किसी को भी OTP, बैंक डिटेल या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें।
पुलिस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को साइबर ठगी से संबंधित कोई कॉल या मैसेज प्राप्त होता है, तो तुरंत इसकी जानकारी साइबर थाना या हेल्पलाइन नंबर पर दें।
देवघर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

