By: Vikash Kumar (Vicky)
Papmochani Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है। साल भर में आने वाली सभी एकादशी में पापमोचनी एकादशी को बहुत ही पवित्र और फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। एकादशी के दिन लोग पूजा-पाठ, व्रत और नियमों का पालन करते हैं, लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या एकादशी के दिन बाल धोना चाहिए या नहीं। शास्त्रों में इस विषय में कुछ विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना शुभ माना जाता है।

पापमोचनी एकादशी का महत्व
पंचांग के अनुसार पापमोचनी एकादशी फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को आती है। इस एकादशी का नाम ही बताता है कि यह पापों को मोचन करने वाली तिथि है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से पिछले जन्मों के पाप भी कम होते हैं और भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है। जो लोग नियमपूर्वक व्रत करते हैं उन्हें मानसिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है।

क्या एकादशी के दिन बाल धोना चाहिए
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन शरीर को अधिक सजाने-संवारने से बचना चाहिए। कुछ ग्रंथों में बताया गया है कि व्रत के दिन सादगी रखना शुभ होता है, इसलिए बाल कटवाना, दाढ़ी बनवाना या नाखून काटना जैसे काम नहीं करने चाहिए। हालांकि बाल धोने को पूरी तरह से मना नहीं किया गया है, लेकिन कई पंडितों का मानना है कि व्रत वाले दिन सुबह स्नान करके ही पूजा करनी चाहिए और बार-बार बाल धोना या श्रृंगार करना उचित नहीं माना जाता।
यदि किसी कारण से बाल धोना जरूरी हो तो सुबह स्नान के समय ही बाल धोना ठीक माना जाता है।

एकादशी व्रत के जरूरी नियम
एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए
तुलसी के पत्ते चढ़ाना शुभ माना जाता है
सात्विक भोजन करना चाहिए
लहसुन, प्याज और मांसाहार से दूर रहें
झूठ बोलने और क्रोध करने से बचें
दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है

एकादशी के दिन क्या न करें
बाल कटवाना और नाखून काटना नहीं चाहिए
तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए
किसी का अपमान नहीं करना चाहिए
ज्यादा सोना नहीं चाहिए
बिना कारण विवाद नहीं करना चाहिए

पापमोचनी एकादशी के दिन इन नियमों का पालन करने से व्रत का पूरा फल मिलता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सादगी, संयम और पूजा-पाठ करना सबसे अधिक शुभ माना गया है।

इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिष और शास्त्रों पर आधारित है। NewsBag इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता। किसी भी व्रत या पूजा से पहले विद्वान पंडित या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

