By: Vikash Kumar (Vicky)
असम को विकास की नई रफ्तार देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राज्य में 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। सिलचर में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्रीय विकास से जुड़ी कई अहम योजनाओं की आधारशिला रखी।

इन परियोजनाओं में नॉर्थ-ईस्ट का पहला ग्रीनफील्ड 4-लेन हाई-स्पीड शिलॉन्ग–सिलचर कॉरिडोर और असम माला 3.0 परियोजना प्रमुख हैं। इन योजनाओं को पूर्वोत्तर क्षेत्र में आर्थिक विकास और बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश के विकास का महत्वपूर्ण इंजन बन रहा है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों के इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और पर्यटन क्षेत्र में तेजी से निवेश किया है, जिससे यहां विकास की गति तेज हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शिलॉन्ग–सिलचर ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर पूर्वोत्तर के लिए गेम चेंजर साबित होगा। यह चार लेन का आधुनिक राजमार्ग होगा, जिससे असम और मेघालय के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। इससे व्यापार, पर्यटन और परिवहन को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार इस कॉरिडोर के बनने से क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी और उद्योगों के लिए नई संभावनाएं पैदा होंगी। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

प्रधानमंत्री ने असम माला 3.0 परियोजना का भी शिलान्यास किया। यह परियोजना राज्य में सड़कों के व्यापक विकास से जुड़ी है। इसके तहत कई नई सड़कें बनाई जाएंगी और पुरानी सड़कों का उन्नयन किया जाएगा, जिससे राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
असम माला योजना के माध्यम से राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों को जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों के लिए यात्रा आसान होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र को लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से दूर रखा गया, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य है कि पूर्वोत्तर को देश के आर्थिक विकास के केंद्र में लाया जाए।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बेहतर सड़कें और कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती हैं। उन्होंने कहा कि जब सड़कें बेहतर होती हैं तो शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पूर्वोत्तर राज्यों में सड़कों, रेल लाइनों और हवाई अड्डों के निर्माण में अभूतपूर्व तेजी आई है। उन्होंने कहा कि आज पूर्वोत्तर क्षेत्र देश के बाकी हिस्सों से पहले की तुलना में कहीं अधिक बेहतर तरीके से जुड़ चुका है।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल बड़े शहरों का विकास करना नहीं है, बल्कि छोटे शहरों और गांवों को भी समान अवसर देना है। इसी सोच के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। इससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने भी इन परियोजनाओं का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बेहतर सड़कें और कनेक्टिविटी मिलने से उन्हें रोजगार और व्यापार के नए अवसर मिलेंगे।

सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद असम और आसपास के राज्यों में परिवहन व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। इससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र भारत की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

