By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। झारखंड के देवघर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक सौरभ (भा.पु.से.) के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 22 मार्च 2026 को साइबर थाना, देवघर की टीम ने पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।

पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) राजा कुमार मिश्रा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने थाना क्षेत्र के घोरपरास जंगल स्थित एक बंद पड़े एचपी पेट्रोल पंप पर छापेमारी की। इस दौरान पांच संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ये सभी आरोपी सुनियोजित तरीके से लोगों को ठगने का काम कर रहे थे।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरफ्तार अपराधी खुद को ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों और बैंकिंग सेवाओं के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। आरोपी फर्जी तरीके से “Flipkart Customer Care”, “Amazon Customer Care”, “PhonePe Customer Care” और “Airtel Payment Bank” के अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते थे। इसके अलावा ये गूगल पर फर्जी मोबाइल नंबर अपलोड कर देते थे, ताकि ग्राहक सीधे उनके संपर्क में आ सकें।
साइबर अपराधियों द्वारा अपनाई जा रही ठगी की तकनीक बेहद शातिर और योजनाबद्ध थी। आरोपी पहले गूगल पर अपना फर्जी नंबर कस्टमर केयर के नाम से अपलोड करते थे। जब कोई व्यक्ति मदद के लिए उस नंबर पर कॉल करता था, तो ये खुद को अधिकारी बताकर बात करते थे। इसके बाद वे कैशबैक, रिफंड या अकाउंट अपडेट के नाम पर लोगों को फंसाते थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपी PhonePe और Paytm के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कैशबैक का लालच देते थे। इसके तहत वे पीड़ितों से “PhonePe Gift Card” बनवाते थे और फिर उसे रिडीम कर लेते थे। इसी तरह Airtel Payment Bank के नाम पर भी ठगी की जा रही थी। आरोपी लोगों को बताते थे कि उनका कार्ड बंद हो गया है और उसे चालू कराने के लिए कुछ प्रक्रिया करनी होगी। इस प्रक्रिया के दौरान वे लोगों से ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी लेकर उनके खाते से पैसे निकाल लेते थे।

इसके अलावा आरोपी प्रधानमंत्री किसान योजना और लोन दिलाने के नाम पर भी लोगों को ठगते थे। वे फर्जी लिंक भेजकर लोगों को उसमें जानकारी भरने के लिए कहते थे, जिससे उनकी निजी जानकारी और बैंकिंग डिटेल्स हासिल कर लेते थे।
गिरफ्तार अपराधियों के पास से बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और कितनी राशि की ठगी की है। संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क अन्य जिलों और राज्यों तक फैला हो सकता है।

देवघर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। अगर कोई व्यक्ति खुद को कस्टमर केयर अधिकारी बताकर पैसे या जानकारी मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और संबंधित कंपनी के आधिकारिक नंबर पर ही संपर्क करें।

साइबर थाना पुलिस ने यह भी बताया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। लोग जितना सतर्क रहेंगे, उतना ही ऐसे अपराधियों के जाल में फंसने से बच पाएंगे। पुलिस ने यह भी कहा कि अगर किसी व्यक्ति के साथ ठगी होती है, तो वह तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाना में शिकायत दर्ज कराएं।
इस कार्रवाई से साफ है कि देवघर पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ पूरी तरह सक्रिय है और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।

