By: Vikash Kumar (Vicky)

देवघर। धार्मिक नगरी में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर देश ही नहीं बल्कि विदेशों से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं। लेकिन वार्ड नंबर 20 के सरदार पांडा लेन, VIP गेट के समीप उत्पन्न गंदगी की समस्या अब आस्था पर सवाल खड़ा कर रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस इलाके में वर्षों पुराना नाला जाम हो चुका है, जिसके कारण गंदा पानी लगातार सड़क पर बह रहा है। यही रास्ता बाबा मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य मार्ग है। स्थिति इतनी खराब है कि श्रद्धालुओं को मजबूरी में इसी गंदे पानी के ऊपर से होकर मंदिर तक पहुंचना पड़ता है।
मोहल्ला वासियों का कहना है कि यह नाला अंग्रेजों के जमाने का बना हुआ है और अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। समय-समय पर इसकी सफाई या मरम्मत नहीं होने के कारण यह जाम हो जाता है और पानी सड़क पर फैल जाता है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों की नाराजगी
स्थानीय निवासी चांदमणि परिहस्त ने बताया कि बाबा मंदिर आस्था का केंद्र है और यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में इस तरह की गंदगी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और नगर निगम को इस ओर तत्काल ध्यान देना चाहिए और नाले का नवीकरण कराया जाना चाहिए।
वहीं गौरव खवाड़े ने कहा कि VIP लोग अपनी गाड़ियों से सीधे मुख्य द्वार तक पहुंच जाते हैं, लेकिन आम श्रद्धालु इसी रास्ते से पैदल गुजरते हैं और उन्हें गंदे पानी में चलकर मंदिर जाना पड़ता है। यह स्थिति बेहद शर्मनाक है। उन्होंने चुनाव के समय किए गए वादों को याद दिलाते हुए कहा कि अब उन्हें जमीन पर उतारने का समय आ गया है।
विकास केसरी ने भी इस समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि यह आस्था के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को इस तरह की गंदगी का सामना करना पड़ रहा है, जो प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।

प्रशासन और नगर निगम पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद जिला प्रशासन और नगर निगम पूरी तरह मौन हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
यहां गौर करने वाली बात यह है कि देवघर जैसे धार्मिक स्थल पर स्वच्छता और साफ-सफाई का विशेष महत्व होता है। सरकार द्वारा स्वच्छ भारत अभियान जैसे कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका असर इस इलाके में नजर नहीं आ रहा है।

श्रद्धालुओं को हो रही भारी परेशानी
श्रद्धालुओं का कहना है कि वे दूर-दूर से भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन यहां पहुंचकर उन्हें गंदगी का सामना करना पड़ता है। कई श्रद्धालु इस स्थिति से नाराज भी नजर आए।
बारिश या नाले के अधिक जाम होने की स्थिति में सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है, जिससे आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह रास्ता और भी खतरनाक साबित हो रहा है।

नई मेयर से लोगों की उम्मीदें
मोहल्ला वासियों ने नई मेयर से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी सफाई से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि नाले का पूरी तरह से नवीकरण किया जाना चाहिए।
लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो यह आने वाले समय में और भी गंभीर रूप ले सकती है।

समाधान की दिशा में क्या जरूरी?
विशेषज्ञों के अनुसार इस समस्या के समाधान के लिए निम्न कदम उठाए जाने जरूरी हैं:
पुराने नाले का पुनर्निर्माण
नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करना
जल निकासी के लिए आधुनिक प्रणाली लागू करना
VIP और आम श्रद्धालुओं के लिए समान सुविधाएं सुनिश्चित करना
देवघर जैसे धार्मिक शहर में इस तरह की समस्या न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था को भी ठेस पहुंचाती है।
यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह न केवल स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनेगी, बल्कि शहर की छवि को भी नुकसान पहुंचाएगी।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और नगर निगम इस गंभीर मुद्दे पर कब तक संज्ञान लेते हैं और कब तक श्रद्धालुओं को इस समस्या से राहत मिलती है।
