By: Vikash Mala Mandal
देवघर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में 29 मार्च 2026 को जसीडीह थाना क्षेत्र में छापेमारी कर इन अपराधियों को दबोचा गया।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे हैं। इसके बाद टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

ऐसे करते थे ठगी का खेल
जांच में सामने आया है कि ये अपराधी बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल पेमेंट कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर आम लोगों को अपना शिकार बनाते थे। ये खुद को Flipkart, Amazon, PhonePe, Paytm और Airtel Payment Bank का कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करते थे। इसके अलावा ये गूगल पर फर्जी मोबाइल नंबर कस्टमर केयर के नाम से अपलोड कर देते थे, जिससे जरूरतमंद लोग खुद इनके संपर्क में आ जाते थे। इसके बाद ये उन्हें कैशबैक, रिफंड या अकाउंट अपडेट के नाम पर झांसे में लेकर ठगी कर लेते थे।

पीएम किसान योजना और क्रेडिट कार्ड के नाम पर भी धोखाधड़ी
आरोपी सिर्फ ई-कॉमर्स तक सीमित नहीं थे, बल्कि ये प्रधानमंत्री किसान योजना और एसबीआई क्रेडिट कार्ड से जुड़े लिंक भेजकर भी लोगों को ठगते थे। ये फर्जी लिंक भेजकर लोगों से उनकी निजी जानकारी और बैंक डिटेल्स हासिल कर लेते थे और फिर उनके खाते से पैसे निकाल लेते थे।

अपराध का तरीका (Modus Operandi)
गिरफ्तार अपराधियों की कार्यशैली बेहद संगठित और चालाकी भरी थी। पुलिस जांच में इनके ठगी के तरीके इस प्रकार सामने आए हैं—
1. गूगल पर फर्जी नंबर अपलोड:
आरोपी गूगल सर्च में कस्टमर केयर के नाम से अपने मोबाइल नंबर डालते थे, जिससे लोग उन्हें असली समझकर कॉल करते थे।
2. फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनना:
ये खुद को PhonePe और Paytm का अधिकारी बताकर ग्राहकों को कैशबैक या ऑफर का लालच देते थे।
3. गिफ्ट कार्ड ठगी:
उपभोक्ताओं को PhonePe गिफ्ट कार्ड बनवाकर उसे रिडीम कर ठगी करते थे।
4. Airtel Payment Bank फ्रॉड:
Airtel Thanks App के जरिए बैंक कार्ड बंद/चालू कराने के नाम पर लोगों को झांसा देकर उनके खाते से पैसे निकाल लेते थे।

बरामदगी और जांच
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई राज्यों के लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
पुलिस अब इनसे पूछताछ कर रही है और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में जुटी हुई है।

पुलिस की अपील
देवघर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें। किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर हमेशा उसकी आधिकारिक वेबसाइट से ही लें।
अगर कोई व्यक्ति कैशबैक, लोन या योजना के नाम पर निजी जानकारी मांगता है तो तुरंत सतर्क हो जाएं और इसकी सूचना पुलिस को दें।
साइबर ठगी से बचने के उपाय
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
ओटीपी या बैंक डिटेल्स किसी से साझा न करें
गूगल पर मिले नंबर की पुष्टि जरूर करें
संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत ब्लॉक करें
साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें
देवघर पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ा संदेश है कि अब ऐसे अपराधियों की खैर नहीं है। लगातार बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों के बीच यह गिरफ्तारी लोगों में विश्वास जगाने का काम करेगी।

