By: Vikash, Mala Mandal
जाली BCCI लेटर और ईमेल दिखाकर शिक्षक से ठगे गए थे लाखों, छह माह बाद पुलिस को मिली सफलता
दुमका: झारखंड के दुमका जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां भारतीय क्रिकेट टीम की अंडर-19 टीम में चयन और रणजी ट्रॉफी में खेलने का झांसा देकर एक शिक्षक से पूरे 1 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी किसलय पल्लव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

यह मामला दुमका नगर थाना क्षेत्र का है, जहां 12 अक्टूबर 2025 को सरकारी विद्यालय के शिक्षक बुलबुल कुमार ने लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। अपने आवेदन में उन्होंने बताया था कि दुमका शहर के बख्शी बांध निवासी किसलय पल्लव ने उनके पुत्र आशुतोष आनंद को भारतीय क्रिकेट टीम की अंडर-19 टीम और रणजी ट्रॉफी में चयन कराने का भरोसा दिलाया था।

शिक्षक बुलबुल कुमार ने अपने बेटे के क्रिकेट करियर को संवारने की उम्मीद में आरोपी के झांसे में आकर कुल 1 करोड़ रुपये दे दिए। उन्होंने बताया कि इस रकम में 50 लाख रुपये नकद और 50 लाख रुपये ऑनलाइन माध्यम से आरोपी को दिए गए थे।
रकम लेने के बाद आरोपी किसलय पल्लव ने बुलबुल कुमार को बीसीसीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर के नाम से जारी एक कथित पत्र सौंपा, जिसमें उनके बेटे के अंडर-19 टीम में चयन की पुष्टि की गई थी। इस पत्र में बीसीसीआई का लोगो भी लगा हुआ था, जिससे यह पूरी तरह असली प्रतीत हो रहा था।

हालांकि, जब बुलबुल कुमार और उनके परिवार को इस पत्र पर संदेह हुआ, तो उन्होंने इसकी सच्चाई की जांच कराई। जांच में यह सामने आया कि यह लेटर पूरी तरह फर्जी है और उनके बेटे का चयन किसी भी टीम में नहीं हुआ है। इसी खुलासे के बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
बुलबुल कुमार ने अपने आवेदन के साथ संबंधित बैंक खातों की प्रतियां, नकली बीसीसीआई लेटर और ईमेल की कॉपी भी पुलिस को सौंपी थी। इसके आधार पर दुमका नगर थाना में केस संख्या 185/25 दर्ज किया गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।

करीब छह महीने तक चली जांच के बाद पुलिस को आखिरकार सफलता हाथ लगी और रविवार को आरोपी किसलय पल्लव को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले में एक दुखद पहलू यह भी सामने आया कि ठगी का शिकार हुए शिक्षक बुलबुल कुमार की इस बीच बीमारी के कारण मौत हो गई। वे अपने साथ हुए धोखे से काफी आहत थे और न्याय मिलने से पहले ही दुनिया को अलविदा कह गए।

मामले की जानकारी देते हुए दुमका के पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि अंडर-19 टीम में चयन के नाम पर एक करोड़ रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आगे भी जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने और कितने लोगों को इस तरह का झांसा देकर ठगा है। साथ ही बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगालने की कोशिश की जा रही है।

यह मामला न केवल एक गंभीर आर्थिक अपराध है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस तरह युवाओं के सपनों का फायदा उठाकर ठग सक्रिय हैं। क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल में चयन का झांसा देकर लोगों से मोटी रकम वसूलना एक चिंताजनक प्रवृत्ति बनती जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी प्रकार के चयन या नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वालों से दूरी बनानी चाहिए। किसी भी ऑफर की पुष्टि आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित संस्था से जरूर करनी चाहिए।
फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

