By: Vikash, Mala Mandal
झारखंड के देवघर शहर के बिलासी स्थित हनिमा बांध तालाब को मिट्टी से भरने का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा रहा था कि जल स्रोत को ट्रैक्टर के माध्यम से मिट्टी डालकर भरा जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया।

इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब स्थानीय लोगों ने इसे पर्यावरण और जल संकट से जोड़ते हुए प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाई। लोगों का कहना था कि यह तालाब पूरे वार्ड नंबर 22 के लिए जलस्तर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है, और इसे खत्म करना भविष्य में गंभीर जल संकट को जन्म दे सकता है।

प्रशासन हरकत में, मौके पर पहुंचे अधिकारी
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और स्थानीय विरोध के बाद आज देवघर नगर निगम की टीम हरकत में आई। मौके पर खुद महापौर, नगर आयुक्त, संबंधित वार्ड पार्षद और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पूरे क्षेत्र का जायजा लिया गया और स्थिति की गंभीरता को समझा गया।

महापौर ने मौके पर मौजूद लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बीते कुछ दिनों से इस जलाशय को भरने का वीडियो सामने आ रहा था, जिसके बाद आज स्वयं निरीक्षण करने पहुंचे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तालाब के आसपास की जमीन भले ही निजी हो सकती है, लेकिन जल स्रोत को किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होने दिया जाएगा।
नगर निगम का बड़ा फैसला – भराई पर पूर्ण रोक
नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर ही स्पष्ट कर दिया कि अब इस तालाब में किसी प्रकार की भराई नहीं की जाएगी। नगर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति या संस्था जलाशय को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगी, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकता है और इस तरह की गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही संबंधित विभाग को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया गया है।

स्थानीय लोगों का विरोध – जल संकट का डर
स्थानीय लोगों ने बताया कि हनिमा बांध तालाब सिर्फ एक जलाशय नहीं, बल्कि पूरे इलाके की जीवनरेखा है। इस तालाब की वजह से वार्ड नंबर 22 में भूजल स्तर बेहतर बना रहता है। अगर इसे भर दिया जाता, तो आने वाले समय में पानी की भारी किल्लत हो सकती थी।
लोगों ने आरोप लगाया कि बिना किसी अनुमति के इस तालाब को भरने का काम किया जा रहा था, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी जल स्रोत को नुकसान पहुंचाने की हिम्मत न करे।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जरूरी कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में जलाशयों का संरक्षण बेहद जरूरी है। तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण प्राकृतिक जल स्रोत लगातार खत्म होते जा रहे हैं, जिससे जल संकट की समस्या गहराती जा रही है। ऐसे में हनिमा बांध जैसे तालाबों को बचाना न सिर्फ स्थानीय जरूरत है, बल्कि पर्यावरण संतुलन के लिए भी अनिवार्य है।

नगर निगम का आश्वासन – नहीं होगी दोबारा भराई
मौके पर मौजूद महापौर और नगर आयुक्त ने संयुक्त रूप से यह आश्वासन दिया कि भविष्य में किसी भी व्यक्ति को इस तालाब में मिट्टी डालने या इसे भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की भी बात कही गई है।
इस आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और प्रशासन के प्रति भरोसा जताया। हालांकि लोगों ने यह भी कहा कि सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई भी जरूरी है।

