By: Vikash Kumar (Vicky)

देवघर। जिले में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को स्थानीय फायर स्टेशन परिसर में गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) के दूसरे बैच के पुरुष एवं महिला जवानों के लिए एक दिवसीय आपदा प्रबंधन एवं अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जवानों को आधुनिक अग्निशमन तकनीकों, सुरक्षा मानकों तथा आपदा के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण शिविर में जिला अग्निशमन पदाधिकारी मुख्य प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि गृह रक्षा वाहिनी के जवान प्रशासनिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और किसी भी आकस्मिक दुर्घटना, आगजनी अथवा प्राकृतिक आपदा के समय सबसे पहले राहत एवं बचाव कार्यों में उनकी भूमिका सामने आती है। ऐसे में जवानों का तकनीकी रूप से प्रशिक्षित होना बेहद आवश्यक है ताकि वे किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।

आग के विभिन्न प्रकार और बचाव के वैज्ञानिक तरीके बताए गए
प्रशिक्षण के दौरान जवानों को आग के विभिन्न प्रकारों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि ठोस पदार्थों, ज्वलनशील तरल पदार्थों, गैस तथा बिजली से लगने वाली आग की प्रकृति अलग-अलग होती है और प्रत्येक प्रकार की आग बुझाने की तकनीक भी अलग होती है। यदि सही तरीके से आग की पहचान नहीं की जाए तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। इसलिए आग की प्रकृति को समझना और उसी के अनुरूप अग्निशमन तकनीक का उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय पहले स्थिति का आकलन करना चाहिए, लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना चाहिए और उसके बाद उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास करना चाहिए।
आधुनिक अग्निशमन उपकरणों का कराया गया परिचय
प्रशिक्षण शिविर में अग्निशमन विभाग द्वारा उपयोग किए जाने वाले आधुनिक उपकरणों की लाइव प्रदर्शनी भी लगाई गई। जवानों को विभिन्न प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर, होज पाइप, फायर नोजल, सुरक्षा हेलमेट, अग्निरोधी पोशाक, दस्ताने, फेस शील्ड तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों के उपयोग और उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षकों ने बताया कि आधुनिक उपकरणों का सही उपयोग ही किसी भी बचाव अभियान की सफलता सुनिश्चित करता है। यदि उपकरणों का संचालन सही तरीके से किया जाए तो कम समय में आग पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है और जन-धन की क्षति को काफी हद तक रोका जा सकता है।
लाइव डेमो के जरिए कराया गया व्यावहारिक अभ्यास
प्रशिक्षण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी लाइव डेमो और व्यावहारिक अभ्यास रही। इस दौरान जवानों को स्वयं फायर एक्सटिंग्विशर संचालित करने, उसे सही तरीके से सक्रिय करने, होज पाइप बिछाने, पानी के दबाव (प्रेशर) को नियंत्रित करने तथा आग बुझाने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया।

प्रशिक्षकों ने हर चरण की जानकारी विस्तार से देते हुए बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों में समय की अहम भूमिका होती है। इसलिए सभी जवानों को बार-बार अभ्यास करने की सलाह दी गई ताकि वास्तविक घटना के समय वे बिना घबराए त्वरित निर्णय ले सकें।
आपदा प्रबंधन की बारीकियों पर भी हुआ प्रशिक्षण
अग्नि सुरक्षा के साथ-साथ आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर भी जवानों को प्रशिक्षित किया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा के दौरान प्राथमिक राहत एवं बचाव कार्य कैसे किए जाएं, भीड़ नियंत्रण कैसे किया जाए तथा प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया क्या होनी चाहिए।

प्रशिक्षकों ने यह भी कहा कि आपदा के समय प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग के बीच समन्वय बनाकर कार्य करना बेहद जरूरी होता है। इसी समन्वित व्यवस्था के माध्यम से राहत एवं बचाव अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर दिया गया जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गृह रक्षा वाहिनी के जवानों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना था ताकि वे किसी भी संकट की घड़ी में प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारी निभा सकें। जिला प्रशासन का मानना है कि प्रशिक्षित मानव संसाधन किसी भी आपदा प्रबंधन व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत होते हैं।

प्रशिक्षकों ने कहा कि नियमित प्रशिक्षण से जवानों का आत्मविश्वास बढ़ता है, उनकी कार्यक्षमता में सुधार होता है और वे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम बनते हैं।
सुरक्षा मानकों और अनुशासन का हुआ पालन
पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया। जवानों को सभी अभ्यास निर्धारित सुरक्षा नियमों के अनुरूप कराए गए। साथ ही अनुशासन बनाए रखने और टीम भावना के साथ कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि गृह रक्षा वाहिनी के अधिक से अधिक जवान आधुनिक तकनीकों से परिचित हो सकें और किसी भी आपदा की स्थिति में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
