By: Vikash kumar (Vicky)

देवघर। गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के सांसद निशिकांत दुबे आज देवघर पहुंचे, जहां देवघर एयरपोर्ट पर उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान पश्चिम बंगाल और झारखंड की राजनीति को लेकर कई अहम बयान दिए। अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाने वाले दुबे ने इस दौरान बंगाल में सत्ता परिवर्तन का दावा किया और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी तीखा हमला बोला।

देवघर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए सांसद निशिकांत दुबे ने पश्चिम बंगाल की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि “आज पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशियों का कब्जा हो गया है। राज्य की जनसंख्या संरचना तेजी से बदल रही है और इसका असर वहां की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर साफ तौर पर देखा जा सकता है।” उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस बार बंगाल में मजबूती से चुनाव लड़ेगी और जनता के समर्थन से सत्ता में आएगी।

दुबे ने दावा करते हुए कहा कि “इस बार पश्चिम बंगाल में निश्चित रूप से सत्ता परिवर्तन होगा और भाजपा चुनाव जीतेगी। इसके साथ ही अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को राज्य से बाहर निकाला जाएगा।” उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि यह मुद्दा लंबे समय से बंगाल की राजनीति में चर्चा का केंद्र रहा है।

सांसद ने अपने बयान में यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को बचाने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है और इसका फायदा अवैध घुसपैठिए उठा रहे हैं।
वहीं, झारखंड की राजनीति पर बोलते हुए निशिकांत दुबे ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “मेरे ऊपर 52 से भी अधिक एफआईआर दर्ज कराए गए हैं, लेकिन राजनीति में एक मर्यादा होनी चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों द्वारा व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर हमले करना एक गलत परंपरा बनती जा रही है।

दुबे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “राजनीति में विचारों की लड़ाई होनी चाहिए, न कि परिवार पर हमला। किसी के भाई, बहन, पत्नी या माता-पिता को निशाना बनाना बेहद निंदनीय है।” उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में कुछ राजनीतिक दल और उनके समर्थक जब मुद्दों पर बात नहीं कर पाते, तो वे नेताओं के परिवार को टारगेट करने लगते हैं।
उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर भी आरोप लगाया कि वे अक्सर व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करते हैं। दुबे ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए स्वस्थ संकेत नहीं है और इससे राजनीतिक संस्कृति को नुकसान पहुंचता है।

सांसद ने यह भी कहा कि “इतनी घटनाओं के बावजूद भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को यह तक नहीं पता कि उनके कितने बाल-बच्चे हैं।” उनके इस बयान पर भी राजनीतिक प्रतिक्रिया आ सकती है, क्योंकि यह सीधा व्यक्तिगत टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है।
देवघर एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद थे, जिन्होंने अपने सांसद का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पार्टी के स्थानीय नेताओं ने भी आगामी चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा की।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निशिकांत दुबे के इस बयान का असर आगामी चुनावी माहौल पर पड़ सकता है। खासकर पश्चिम बंगाल को लेकर दिए गए बयान से वहां की राजनीति में एक बार फिर ध्रुवीकरण की स्थिति बन सकती है।
वहीं, झारखंड में भी भाजपा और सत्ताधारी गठबंधन के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती नजर आ रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन बयानों का जनता पर कितना असर पड़ता है और चुनावी नतीजों में इसका क्या प्रभाव देखने को मिलता है।

