By: Vikash, Mala Mandal
देवघर सदर अस्पताल लंबे समय से संसाधनों की कमी से जूझता रहा है। अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की कमी के कारण मरीजों को कई बार निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ता था, जिससे उन्हें आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था। लेकिन अब इस समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

आज देवघर के सदर अस्पताल को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के तहत हाई-डेफिनेशन एक्स-रे मशीन और अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन प्रदान की गई। यह मशीनें आईडीबीआई बैंक और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के सहयोग से उपलब्ध कराई गई हैं। इन आधुनिक मशीनों का उद्घाटन देवघर के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा ने किया। उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए यह पहल बेहद महत्वपूर्ण है और इससे जिले के हजारों मरीजों को सीधे लाभ मिलेगा।

आधुनिक तकनीक से बेहतर होगी जांच सुविधा
उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि आमतौर पर सरकारी अस्पतालों में कम रिजोल्यूशन वाले एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीन होते हैं, जिसके कारण जांच की गुणवत्ता प्रभावित होती है। नई हाई-डेफिनेशन मशीनों के आने से अब अधिक स्पष्ट और सटीक जांच रिपोर्ट मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर गुणवत्ता वाली रिपोर्ट से डॉक्टरों को सही निदान करने में आसानी होगी, जिससे मरीजों का इलाज भी अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। यह कदम न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगा बल्कि मरीजों के भरोसे को भी बढ़ाएगा।

गरीब मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा
देवघर सदर अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। पहले उन्हें एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी जांचों के लिए निजी केंद्रों पर जाना पड़ता था, जहां उन्हें अधिक पैसे खर्च करने पड़ते थे। अब अस्पताल में ही यह सुविधाएं उपलब्ध होने से मरीजों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे उनका समय और पैसा दोनों बचेगा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए यह सुविधा राहत भरी साबित होगी।

मैनपावर की कमी बनी चुनौती
हालांकि, उपायुक्त ने यह भी स्वीकार किया कि मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद फिलहाल मैनपावर की कमी एक बड़ी चुनौती है। प्रशिक्षित तकनीशियनों की कमी के कारण इन मशीनों को पूरी तरह से चालू करने में कुछ समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस दिशा में काम कर रहा है और जल्द ही आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराकर इन मशीनों को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। शुरुआती दिनों में कुछ तकनीकी या संचालन संबंधी समस्याएं आ सकती हैं, लेकिन इन्हें जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।

CSR फंड का सराहनीय योगदान
आईडीबीआई बैंक और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा CSR फंड के माध्यम से यह सहयोग एक सराहनीय पहल मानी जा रही है। इससे यह स्पष्ट होता है कि निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भी सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस तरह के सहयोग से सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार संभव हो पाता है और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा सुधार
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक मशीनों के आने से देवघर सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर पहले की तुलना में काफी बेहतर होगा। मरीजों को समय पर जांच और इलाज मिल सकेगा, जिससे गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकेगा। इसके अलावा, अस्पताल की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी और मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हो सकती है, क्योंकि लोग अब सरकारी अस्पताल पर अधिक भरोसा करेंगे।

जल्द शुरू होगी सेवाएं
प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि सभी तकनीकी और मानव संसाधन संबंधी समस्याओं को जल्द दूर कर लिया जाएगा। इसके बाद एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेवाएं पूरी तरह से शुरू कर दी जाएंगी। इस पहल से न केवल देवघर बल्कि आसपास के जिलों के मरीजों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
देवघर सदर अस्पताल को मिली नई हाई-डेफिनेशन एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनें स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने का काम करेंगी। CSR फंड के माध्यम से मिला यह सहयोग गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
यदि समय पर मैनपावर की समस्या का समाधान कर लिया जाता है, तो यह पहल जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी।

