By: Vikash, Mala Mandal
देवघर, 09 अप्रैल 2026:उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के सफल और निष्पक्ष संचालन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में शिल्पग्राम ऑडिटोरियम में आयोजित ब्रीफिंग में जिले के सभी दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और केंद्र अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षा किसी भी कीमत पर पारदर्शी, कदाचार मुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराई जाए।

12 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा को लेकर उपायुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि परीक्षा की शुचिता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित पदाधिकारी और दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

ब्रीफिंग के दौरान प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जैसे मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और ब्लूटूथ डिवाइस के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके लिए मल्टी-लेवल फ्रिस्किंग (तलाशी) की व्यवस्था की गई है, जिससे परीक्षार्थियों की सघन जांच सुनिश्चित की जा सके।
इसके साथ ही सभी परीक्षार्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है, ताकि फर्जी अभ्यर्थियों की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके। प्रशासन का मानना है कि यह कदम परीक्षा की पारदर्शिता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उपायुक्त ने जानकारी दी कि परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। सभी केंद्रों के हर कमरे और गलियारों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके जरिए लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा, संचार उपकरणों के दुरुपयोग को रोकने के लिए जैमर भी लगाए जाएंगे।

परीक्षा के दौरान निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए फ्लाइंग स्क्वाड (उड़नदस्ता), जोनल मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट लगातार विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। ये टीमें परीक्षा के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या या अव्यवस्था को तुरंत दूर करने के लिए तैनात रहेंगी।
प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। इसके लिए सशस्त्र एस्कॉर्ट टीमों का गठन किया गया है, जो ट्रेजरी से परीक्षा केंद्रों तक सामग्री के सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी निभाएंगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि किसी भी स्तर पर गोपनीयता भंग न हो और परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।

भीड़ नियंत्रण को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। परीक्षा केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। साथ ही स्थानीय पुलिस को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है, ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रहे।
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे टीम भावना के साथ काम करें और परीक्षा के सफल समापन तक पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा समाप्त होने के बाद ही सभी अधिकारी अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगे, ताकि किसी भी तरह की चूक न हो।

बैठक में अपर समाहर्ता हीरा कुमार, जिला सामान्य शाखा प्रभारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित जिला स्तर के कई अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा सभी दंडाधिकारी, पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट, केंद्र अधीक्षक और पुलिस पदाधिकारी भी इस महत्वपूर्ण ब्रीफिंग का हिस्सा बने।

प्रशासन की इस व्यापक तैयारी से यह स्पष्ट हो गया है कि देवघर में आयोजित होने वाली उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पारदर्शिता, सुरक्षा और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं, ताकि परीक्षार्थियों को निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल मिल सके।

