By: Vikash, Mala Mandal
देवघर जिले के उच्चक्रमित मध्य विद्यालय, बंधा में आज एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल के तहत निःशुल्क दंत जांच शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन सिया डेंटल क्लिनिक, देवघर द्वारा किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों और शिक्षकों के बीच मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रारंभिक स्तर पर दंत रोगों की पहचान करना था।

आज के समय में बच्चों के बीच दांतों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। गलत खान-पान, दांतों की सही सफाई में लापरवाही और जागरूकता की कमी के कारण छोटी उम्र में ही कैविटी, मसूड़ों की बीमारी और अन्य दंत रोग देखने को मिल रहे हैं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस शिविर का आयोजन किया गया, ताकि बच्चों को समय रहते सही मार्गदर्शन और उपचार की दिशा मिल सके।

इस शिविर का नेतृत्व सिया डेंटल क्लिनिक के निदेशक डॉ. कुमार कौशिक ने किया। उनके साथ एसोसिएट डॉक्टर डॉ. आशीष और टीम के अन्य सदस्य साहिल कुमार एवं कुमारी कुमकुम भी मौजूद रहे। पूरी टीम ने मिलकर विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों की बारीकी से जांच की और उन्हें उनकी दंत स्थिति के अनुसार उचित परामर्श प्रदान किया।
शिविर के दौरान कुल 190 में से 161 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की मौखिक जांच की गई। जांच के दौरान कई बच्चों में दांतों में कीड़ा लगने (कैविटी), मसूड़ों से खून आना, दांतों में दर्द और अन्य सामान्य समस्याएं पाई गईं। डॉक्टरों की टीम ने इन समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी सुझाव दिए और जरूरत पड़ने पर आगे इलाज कराने की सलाह भी दी।

शिविर के दौरान बच्चों को दांतों की सही सफाई के तरीके भी सिखाए गए। उन्हें बताया गया कि दिन में कम से कम दो बार ब्रश करना चाहिए, मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना चाहिए और समय-समय पर दंत चिकित्सक से जांच करानी चाहिए। इसके अलावा बच्चों को संतुलित आहार के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई, जिससे दांत और मसूड़े मजबूत बने रहते हैं।

इस अवसर पर डॉ. कुमार कौशिक ने कहा कि दंत स्वास्थ्य हमारे समग्र स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने कहा कि अगर दांतों की समस्याओं को शुरुआती चरण में ही पहचान लिया जाए, तो गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे शिविर बच्चों में अच्छी आदतों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने आगे कहा, “दंत रोगों से बचाव के लिए जागरूकता और समय पर जांच बेहद जरूरी है। स्कूल स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने से बच्चों में दांतों की देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ती है और वे छोटी उम्र से ही सही आदतें अपनाते हैं।”

विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने सिया डेंटल क्लिनिक की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी हैं और इससे विद्यार्थियों को काफी लाभ मिलता है। विद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा जताई।

इस शिविर के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना बेहद जरूरी है और छोटी-छोटी सावधानियां हमें बड़ी बीमारियों से बचा सकती हैं। बच्चों में दंत स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस प्रकार के शिविर अत्यंत लाभकारी साबित होते हैं।
सिया डेंटल क्लिनिक ने यह भी आश्वासन दिया कि वह भविष्य में भी इस तरह के जनहित कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा और समाज के विभिन्न वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास करेगा।

