By: Vikash, Mala Mandal
देवघर ,समाज में मानवता और सेवा भाव की मिसाल पेश करते हुए सदर अस्पताल देवघर के प्रयोगशाला प्रभारी मनोज कुमार मिश्र ने अपनी पुत्री आकांक्षा शांडिल्य के जन्मदिन के अवसर पर रक्त केंद्र देवघर में रक्तदान किया। इस अवसर पर उनके साथ पुनीत कुमार यादव, अनिल रजक तथा छोटू राम भी मौजूद रहे और उन्होंने इस पुनीत कार्य में उनका उत्साहवर्धन किया।

मनोज कुमार मिश्र की यह पहल केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन का एक नियमित संकल्प बन चुका है। वे हर वर्ष अपने परिवार के सदस्यों के जन्मदिन पर कम से कम तीन बार रक्तदान करते हैं। उनका मानना है कि जन्मदिन जैसे खास अवसरों को केवल उत्सव तक सीमित न रखकर समाज सेवा से जोड़ना चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोगों की जिंदगी बचाई जा सके।

उन्होंने बताया कि रक्तदान करने से उन्हें आत्मिक संतुष्टि मिलती है। उनके अनुसार, “रक्तदान से बड़ा कोई परोपकार नहीं है। यह न केवल किसी जरूरतमंद की जान बचाता है, बल्कि हमारे शरीर को भी स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।” उन्होंने आगे कहा कि नियमित अंतराल पर रक्तदान करने से शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है, जिससे स्वास्थ्य बेहतर रहता है और कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है।

रक्त केंद्र देवघर के चिकित्सकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूक लोग समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे भी आगे आकर रक्तदान करें, क्योंकि रक्त की आवश्यकता किसी भी समय, किसी को भी पड़ सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, एक यूनिट रक्तदान से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। यही कारण है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास करते हैं। इसके बावजूद अभी भी कई जगहों पर रक्त की कमी देखी जाती है, जिसे केवल जनभागीदारी से ही दूर किया जा सकता है।

इस अवसर पर मौजूद पुनीत कुमार यादव और अन्य सहयोगियों ने भी कहा कि वे भविष्य में नियमित रूप से रक्तदान करेंगे और लोगों को इसके प्रति जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर हर व्यक्ति साल में कम से कम एक बार भी रक्तदान करे, तो देश में कभी भी रक्त की कमी नहीं होगी।

समाज में बढ़ती व्यस्तता और स्वार्थ के इस दौर में मनोज कुमार मिश्र जैसे लोग मानवता की मिसाल बनकर सामने आ रहे हैं। उनकी यह सोच कि “जन्मदिन पर केक काटने के साथ-साथ किसी की जिंदगी बचाना भी जरूरी है”, समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है।

देवघर में इस तरह की पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाएगी, बल्कि लोगों के बीच सेवा और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देगी। जरूरत है कि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ें और रक्तदान को एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं।

