By: Vikash, Mala Mandal
पहली बार रक्तदान करने वालों में दिखा खास उत्साह, महिलाओं की दमदार भागीदारी
देवघर। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर देवघर में सामाजिक सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। मधुसूदन वापट स्मृति न्यास समिति द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में कुल 61 यूनिट रक्त संग्रह कर मानवता के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया। यह शिविर स्थानीय विलियम्स टाउन स्थित संघ कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और पहली बार रक्तदान करने वाले लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल रक्त संग्रह करना नहीं था, बल्कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना और सेवा भावना को प्रोत्साहित करना भी था। मधुसूदन वापट स्मृति न्यास समिति पिछले कई वर्षों से अंबेडकर जयंती के अवसर पर इस तरह के जनसेवा कार्यक्रम आयोजित करती आ रही है। समिति का मानना है कि समय पर रक्त की उपलब्धता किसी भी जरूरतमंद के लिए जीवनदान साबित हो सकती है।

शिविर में खास बात यह रही कि कई लोगों ने पहली बार रक्तदान किया। परमानंद बरनवाल सहित कई नए दानकर्ताओं ने इस पुनीत कार्य में भाग लेकर समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया। वहीं रिद्धिमा बरनवाल ने अपनी मां के साथ मिलकर पहली बार रक्तदान किया, जो कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण बन गया। मां-बेटी की इस पहल ने वहां मौजूद लोगों को न केवल भावुक किया बल्कि अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित किया।

न्यास समिति के अध्यक्ष डॉ. युगल किशोर चौधरी ने बताया कि देवघर के रक्त अधिकोष में अक्सर रक्त की कमी हो जाती है। इस कमी को दूर करने और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि “रक्तदान महादान है, और यह किसी भी व्यक्ति के लिए जीवनदान बन सकता है। हमारा लक्ष्य केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि समाज में स्थायी जागरूकता पैदा करना है, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आएं।”

उन्होंने आगे कहा कि समिति डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों से प्रेरणा लेकर समाज सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ा रही है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में एकता, सहयोग और सेवा की भावना को मजबूत किया जा रहा है।
इस शिविर की सफलता में न्यास समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उपाध्यक्ष अरुण कुमार झा, जिला संघ चालक गणेश बरनवाल, जिला कार्यवाह राजेश प्रसाद, डॉ. आनंद वर्धन, नगर संचालक रोहित कुमार, मधुसूदन मंडल, विनायक कुमार, अमित कुमार राव, डॉ. राजीव रंजन, राजमणि कुमार, राजकुमार और विनय कुमार सहित कई लोगों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया। इसके अलावा रक्त अधिकोष के डॉ. शब्दकांत मिश्रा और उनकी टीम ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया, जिससे पूरे शिविर में स्वास्थ्य मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया गया।

महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी
इस रक्तदान शिविर में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। रंजना देवी, किरण देवी, रिद्धिमा वर्मा और रिचा बरनवाल जैसी महिला रक्तदाताओं ने आगे बढ़कर रक्तदान किया और समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया कि महिलाएं भी इस सेवा कार्य में पीछे नहीं हैं। उनकी भागीदारी ने ‘आधी आबादी’ की भूमिका को और अधिक मजबूत किया।

युवाओं में दिखा जोश
शिविर में युवाओं की भागीदारी भी उत्साहजनक रही। गणेश लाल बरनवाल, विवेक आनंद, अमित राव, धर्मेंद्र कुमार, आशीष बरनवाल, राहुल राज, डॉ. रितेश राज, राजेश कसेरा, मोहित कसेरा, दिव्य रोशन, पप्पू कुमार, गोपी कुमार, सूरज कुमार, अमित कुमार, मिठू बरनवाल, रमेश बरनवाल, पेरू मिस्त्री, सागर राज, किशोर बरनवाल, राजू कुमार, मनजीत कुमार, राजीव बरनवाल, प्रकाश मंडल, कुमार विवेकानंद, निलेश कुमार और दीपक कुमार सहित कई लोगों ने रक्तदान कर इस अभियान को सफल बनाया।

कार्यक्रम के दौरान सभी रक्तदाताओं को सम्मानित किया गया और उनके योगदान की सराहना की गई। शिविर में स्वच्छता, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सभी मानकों का पालन किया गया, जिससे रक्त संग्रह की प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित रही।
समाज को मिला सकारात्मक संदेश
मधुसूदन वापट स्मृति न्यास समिति का यह प्रयास न केवल रक्त की कमी को दूर करने में सहायक सिद्ध हुआ, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और जागरूकता का एक मजबूत संदेश भी छोड़ गया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब सामाजिक संस्थाएं सक्रिय होती हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव निश्चित रूप से संभव होता है।

