By: Vikash, Mala Mandal
देवघर जिले में चौकीदार एवं होमगार्ड के रिक्त पदों पर बहाली की प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से समाहरणालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा ने की, जिसमें भर्ती प्रक्रिया की अब तक की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए चौकीदार और होमगार्ड की नियुक्ति बेहद आवश्यक है। ऐसे में इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से संपन्न करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि भर्ती से जुड़ी हर प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए, ताकि अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उपायुक्त ने भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों—आवेदन प्राप्ति, स्क्रूटनी, भौतिक सत्यापन, शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं लिखित परीक्षा—को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थी इसमें भाग ले सकें।

बैठक में तकनीक के उपयोग को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान आरएफआईडी (RFID) तकनीक का उपयोग किया जाए। इससे अभ्यर्थियों की दौड़ और अन्य शारीरिक गतिविधियों का डेटा डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता की संभावना समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से भर्ती प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनाया जा सकता है।

इसके अलावा उपायुक्त ने भौतिक सत्यापन प्रक्रिया को भी गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की गहन जांच की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की फर्जीवाड़ा या त्रुटि को रोका जा सके। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारी समय से पूरी करने का निर्देश दिया गया।

शारीरिक एवं लिखित परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में आयोजित कराने पर भी विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि परीक्षा का आयोजन बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने का निर्देश दिया और कहा कि समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी देवघर रवि कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, होमगार्ड कमांडेंट, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की।
जिले में लंबे समय से चौकीदार एवं होमगार्ड के रिक्त पदों को भरने की मांग की जा रही थी। ऐसे में प्रशासन द्वारा इस दिशा में तेजी लाना एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि जिले की सुरक्षा व्यवस्था भी और मजबूत होगी।

स्थानीय स्तर पर यह पहल युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है। यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर यह भर्ती प्रक्रिया पूरी होती है, तो हजारों अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिलेगा। साथ ही, पारदर्शी प्रक्रिया के चलते प्रशासन पर जनता का विश्वास भी और मजबूत होगा।
कुल मिलाकर, यह बैठक जिले में रोजगार सृजन और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन अपने तय किए गए मानकों और समय-सीमा पर कितना खरा उतरता है।

