By: Vikash, Mala Mandal
देवघर। आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी शशि प्रकाश सिंह ने मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मेला के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना और सभी विभागों के कार्यों में समन्वय स्थापित करना था।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने मेला से जुड़ी सभी तैयारियों की विभागवार गहन समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जल्द से जल्द अपनी कार्ययोजना तैयार कर उपायुक्त कार्यालय को सौंपें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रावणी मेला में आने वाले लाखों श्रद्धालु देवतुल्य हैं, इसलिए उनकी सुविधा में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
छोटी-छोटी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश
उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि मेला के दौरान छोटी-छोटी व्यवस्थाएं भी बड़ी भूमिका निभाती हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि कांवरिया पथ पर महीन बालू बिछाने, पेयजल की उपलब्धता, शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था, स्नानगृह, पंडाल निर्माण, आवासन, चिकित्सा सुविधा और साफ-सफाई जैसे सभी बिंदुओं पर गंभीरता से काम किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि हर विभाग अपने स्तर से बेहतर प्रयास करे ताकि श्रद्धालु जब बाबा नगरी से लौटें, तो उनके मन में सकारात्मक अनुभव हो। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय और जिम्मेदारी तय करना बेहद जरूरी है।

स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता
बैठक में साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था को लेकर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने नगर निगम और पेयजल विभाग को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में हर समय स्वच्छता बनी रहे और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र के साथ-साथ शहर के अन्य हिस्सों में भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए।

शिवगंगा सरोवर की सफाई और जल जांच पर विशेष निर्देश
श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं के लिए शिवगंगा सरोवर का विशेष महत्व होता है। इसे देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि सरोवर की नियमित सफाई कराई जाए और पानी की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि जल की स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

विद्युत आपूर्ति और साज-सज्जा को मजबूत करने के निर्देश
उपायुक्त ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र और शहरी क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विद्युत व्यवस्था का ऑडिट कराने और किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने मेला क्षेत्र की साज-सज्जा को आकर्षक बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहर की खूबसूरती और प्रकाश व्यवस्था श्रद्धालुओं को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

स्वास्थ्य, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर फोकस
श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं, ऐसे में स्वास्थ्य, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि मेडिकल टीम, एंबुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र और आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह से तैयार रखा जाए।
इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार करने और उसे सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि मेला के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए पहले से ही सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
आपसी समन्वय से ही सफल होगा श्रावणी मेला
उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि श्रावणी मेला की सफलता सभी विभागों के आपसी समन्वय पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि हर विभाग अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए और समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करता रहे।

अधिकारी और कर्मियों की उपस्थिति
बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी, सहायक नगर आयुक्त, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, विद्युत आपूर्ति एवं संचरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, डीएमएफटी टीम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
राजकीय श्रावणी मेला 2026 को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अभी से ही कमर कस ली है। उपायुक्त के निर्देशों से यह साफ है कि इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और संतोष को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। यदि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हैं, तो यह मेला न केवल सफल होगा बल्कि श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार अनुभव भी साबित होगा।

