By: Vikash, Mala Mandal
हिंदू पंचांग के अनुसार 22 अप्रैल 2026, बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है, जो सुबह 10 बजकर 49 मिनट तक मान्य रहेगी। इसके बाद सप्तमी तिथि का आरंभ होगा। इस दिन स्कंद षष्ठी का व्रत रखा जाएगा, जो भगवान कार्तिकेय को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से साहस, सफलता और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।

22 अप्रैल 2026 को सूर्योदय सुबह 05:59 बजे और सूर्यास्त शाम 06:51 बजे होगा। इस दिन बुध ग्रह रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जो ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
ग्रहों की स्थिति
इस दिन सूर्य मेष राशि में, चंद्रमा मिथुन राशि में और मंगल मीन राशि में विराजमान रहेंगे। ग्रहों की यह स्थिति व्यक्ति के जीवन, निर्णय और दैनिक कार्यों पर प्रभाव डाल सकती है।

तिथि, करण, पक्ष और योग
तिथि – षष्ठी
माह – वैशाख
पक्ष – शुक्ल पक्ष
करण – कौलव, तैतिल और गर
नक्षत्र – आर्द्रा और पुनर्वसु
योग – अतिगण्ड और सुकर्मा
दिन – बुधवार
दिशाशूल – उत्तर

स्कंद षष्ठी व्रत का महत्व
स्कंद षष्ठी व्रत भगवान कार्तिकेय की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सफलता के नए रास्ते खुलते हैं। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जो अपने जीवन में संघर्षों का सामना कर रहे हैं।

शुभ-अशुभ समय का महत्व
पंचांग के अनुसार किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ समय का ध्यान रखना चाहिए। राहुकाल को अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान कोई भी नया कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। वहीं अभिजीत मुहूर्त जैसे शुभ समय में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है।

धार्मिक आस्था और पंचांग का महत्व
पंचांग न केवल धार्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दैनिक जीवन को व्यवस्थित करने में भी सहायक होता है। सही समय पर किए गए कार्य व्यक्ति को सफलता और सकारात्मक परिणाम दिला सकते हैं। यही कारण है कि पंचांग का महत्व भारतीय संस्कृति में अत्यंत विशेष माना जाता है।

यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणना पर आधारित है। विभिन्न स्थानों और पंचांगों के अनुसार समय और विवरण में थोड़ा अंतर संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

