By:Mala Mandal
देवघर। झारखंड। वैशाख मास की पावन बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शुभ तिथि के कारण सुबह से ही हजारों की संख्या में भक्त मंदिर परिसर पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने सबसे पहले शिवगंगा में आस्था की डुबकी लगाई और इसके बाद कतारबद्ध होकर बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए मंदिर की ओर बढ़े। पूरे मंदिर परिसर में “बोल बम” और “हर हर महादेव” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।

सुबह करीब 4:10 बजे बाबा मंदिर का पट खुला, जिसके साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। पट खुलने के बाद पुजारीगण गर्भगृह में प्रवेश कर बाबा की दैनिक पूजा-अर्चना में जुट गए। तीर्थ पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कांचा जलार्पण कर भगवान शिव का अभिषेक किया और “ॐ नमः शिवाय” के उच्चारण से मंदिर परिसर गूंज उठा। इसके पश्चात सरकारी पूजा प्रारंभ हुई, जिसमें षोडशोपचार विधि से बाबा की विधिवत पूजा संपन्न की गई।

सरकारी पूजा के समापन के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया। दर्शन के लिए पहले से ही लंबी कतार में खड़े भक्त धीरे-धीरे गर्भगृह की ओर बढ़ने लगे। श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी अधिक थी कि कतार मंदिर परिसर से निकलकर मानसरोवर स्थित क्यू कॉम्प्लेक्स तक पहुंच गई। भक्तों को सुव्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने के लिए मानसरोवर फुटओवर ब्रिज के माध्यम से गर्भगृह में प्रवेश कराया गया।

भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने के लिए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। मंदिर परिसर के विभिन्न स्थानों—जैसे गर्भगृह, टी-जंक्शन, संस्कार भवन और फुटओवर ब्रिज—पर मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी और मंदिर कर्मी तैनात रहे। कतार व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की गई, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए थे। कतार में लगे भक्तों के लिए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। साथ ही धूप और संभावित बारिश से बचाव के लिए पूरे परिसर में टेंट लगाए गए थे। सुरक्षा के लिहाज से भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बुद्ध पूर्णिमा के विशेष अवसर पर कई श्रद्धालुओं ने बाबा मंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न कराए। इनमें मुंडन संस्कार, जनेऊ (उपनयन), विवाह (गठबंधन) और रुद्राभिषेक प्रमुख रहे। इन अनुष्ठानों के कारण मंदिर परिसर स्थित अन्य प्रमुख मंदिरों—जैसे लक्ष्मी नारायण मंदिर, राम मंदिर, आनंद भैरव मंदिर और सूर्यनारायण मंदिर—में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। इसके अलावा प्रशासनिक भवन और सुविधा केंद्रों में भी भक्तों की उपस्थिति काफी अधिक रही।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा का दिन अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है। साथ ही यह दिन भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण से भी जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन देशभर से श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

सुबह से शुरू हुई श्रद्धालुओं की भीड़ देर रात तक जारी रही। दूर-दराज से आए भक्त घंटों कतार में खड़े होकर बाबा के दर्शन का इंतजार करते रहे, लेकिन उनके चेहरे पर आस्था और श्रद्धा की झलक साफ दिखाई दे रही थी। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन बाबा का दर्शन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है, इसलिए वे हर साल इस अवसर पर यहां पहुंचते हैं।
कुल मिलाकर, बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर देवघर का बाबा बैद्यनाथ धाम पूरी तरह भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आया। प्रशासन की मुस्तैदी और व्यवस्थाओं के चलते लाखों श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से बाबा के दर्शन किए। यह दिन एक बार फिर यह साबित करता है कि बाबा धाम की आस्था और श्रद्धा देश-विदेश के भक्तों को एक सूत्र में बांधती है।

