By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर, 01 मई 2026: जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में जिले में एक नई पहल की शुरुआत की गई है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री शशि प्रकाश सिंह ने शुक्रवार को ‘ऑनलाइन स्व-गणना’ (Self-Enumeration) पोर्टल के माध्यम से इस अभियान का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत अब जिले के नागरिक 01 मई से 15 मई 2026 तक घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपनी जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

इस अवसर पर उपायुक्त ने स्वयं आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कर डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि यह पहल जनगणना को अधिक सटीक, तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों द्वारा स्वयं दी गई जानकारी में त्रुटियों की संभावना कम होती है, जिससे डेटा संग्रह की गुणवत्ता बेहतर होती है।
उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि “स्व-गणना केवल एक सुविधा नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण में सहभागिता का एक सशक्त माध्यम है। नागरिकों द्वारा स्वयं दी गई जानकारी से नीतियों और योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।” उन्होंने आगे कहा कि डिजिटल माध्यम से जानकारी देने से समय की बचत होगी और डेटा रियल-टाइम में उपलब्ध होगा, जिससे सरकार को योजनाएं बनाने में सहायता मिलेगी।

ऑनलाइन स्व-गणना क्यों है महत्वपूर्ण?
जनगणना किसी भी देश के विकास की आधारशिला मानी जाती है। इसके माध्यम से जनसंख्या, परिवार संरचना, शिक्षा, रोजगार, आवास आदि से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए जाते हैं। यही आंकड़े आगे चलकर सरकारी योजनाओं, बजट आवंटन और नीतिगत निर्णयों का आधार बनते हैं।
स्व-गणना की इस डिजिटल प्रक्रिया से नागरिकों को कई लाभ मिलेंगे:
घर बैठे सुरक्षित और आसान तरीके से जानकारी दर्ज करने की सुविधा
समय और संसाधनों की बचत
डेटा में पारदर्शिता और सटीकता
तकनीक के माध्यम से तेज और व्यवस्थित प्रक्रिया

कैसे करें स्व-गणना? जानिए पूरा प्रोसेस

कैसे करें स्व-गणना? जानिए पूरा प्रोसेस
जिले के नागरिक नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करके अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं:
1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ:
सबसे पहले se.census.gov.in वेबसाइट खोलें।
2. लॉगिन करें:
अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करें और OTP के जरिए लॉगिन करें।
3. स्थान का चयन करें:
अपने राज्य, जिला और स्थानीय क्षेत्र की जानकारी दर्ज करें।
4. मैपिंग करें:
डिजिटल मैप पर अपने घर का सही स्थान चिन्हित करें।
5. जानकारी भरें:
परिवार के सभी सदस्यों से संबंधित आवश्यक जानकारी सावधानीपूर्वक दर्ज करें।
6. सबमिट करें और SE ID प्राप्त करें:
फॉर्म जमा करने के बाद आपको एक यूनिक SE ID प्राप्त होगी।

SE ID क्यों है जरूरी?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्व-गणना के बाद प्राप्त SE ID को सुरक्षित रखना अनिवार्य है। इस ID का उपयोग 02 मई से 31 मई 2026 के बीच होने वाले मकान सूचीकरण (House Listing) के दौरान किया जाएगा।जब गणनाकर्मी आपके घर आएंगे, तो आपको अपनी SE ID दिखानी होगी। इसके आधार पर गणनाकर्मी आपकी दी गई जानकारी का भौतिक सत्यापन करेंगे। इस प्रक्रिया से डेटा की विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।

उपायुक्त की अपील: सभी नागरिक करें सहभागिता
उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी सही और पूर्ण जानकारी पोर्टल पर दर्ज करें। उन्होंने कहा कि “सटीक जनगणना ही भविष्य की विकास योजनाओं की नींव है। आपकी एक छोटी सी भागीदारी पूरे जिले और देश के विकास में बड़ा योगदान दे सकती है।” उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में नागरिकों को तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए। स्व-गणना जैसे प्रयास न केवल प्रशासनिक कार्यों को आसान बनाते हैं, बल्कि नागरिकों को भी सशक्त बनाते हैं।

डिजिटल इंडिया की ओर एक और कदम
यह पहल केंद्र और राज्य सरकार की डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल जनगणना प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि डेटा संग्रहण की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। आने वाले समय में यह प्रणाली अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में काम कर सकती है।

