By: Mala Mandal
देवघर: श्रीलंका के कोलंबो में 24 अप्रैल से 28 अप्रैल 2026 तक आयोजित साउथ एशिया सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में देवघर के दो युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत का नाम रोशन किया है। यू-21 यूथ वर्ग में श्री विश्वास कश्यप (पिता – निमा चंद पंडित) और सब-जूनियर वर्ग में श्री अभिनव कुमार (पिता – जयप्रकाश झा) ने गोल्ड मेडल जीतकर देश और जिले का गौरव बढ़ाया है।

इन खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर पूरे देवघर में खुशी की लहर है। खिलाड़ियों के स्वदेश लौटने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर टीम इंडिया के कोच श्री राजेश रंजन सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

पंडा धर्म रक्षिणी सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सह भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश के नेता चंद्रशेखर खवाड़े ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि देवघर की युवा शक्ति जिस तरह खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है, वह आने वाले समय में बेहद सकारात्मक परिणाम लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि यह केवल खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे जिले और राज्य के लिए गर्व का विषय है।

चंद्रशेखर खवाड़े ने आगे कहा कि आज के युवाओं के लिए यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने देवघर के अन्य युवाओं से अपील की कि वे इन खिलाड़ियों से प्रेरणा लें और खेल, शिक्षा तथा स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। उनका मानना है कि खेल न केवल शारीरिक विकास में मदद करता है, बल्कि मानसिक मजबूती और अनुशासन भी सिखाता है।

इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मुकाबलों में जीत दर्ज की। खासकर विश्वास कश्यप और अभिनव कुमार का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में सराहनीय रहा। दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने वर्ग में बेहतरीन खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।
स्थानीय लोगों ने भी खिलाड़ियों की इस सफलता पर खुशी जाहिर की। कई सामाजिक संगठनों और खेल प्रेमियों ने इसे देवघर के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उनका कहना है कि इस तरह की उपलब्धियां जिले के अन्य युवाओं को भी खेल के प्रति प्रेरित करेंगी।

खिलाड़ियों के परिवार में भी खुशी का माहौल है। विश्वास कश्यप और अभिनव कुमार के परिजनों ने कहा कि यह उनकी मेहनत, लगन और कोच के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने सरकार और खेल विभाग से अपील की कि ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

कोच राजेश रंजन ने खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने कठिन परिस्थितियों में भी शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों में भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की क्षमता है।
देवघर में खेल के क्षेत्र में बढ़ती रुचि को लेकर भी चर्चा हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में यहां के कई युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। यह संकेत है कि यदि सही दिशा और संसाधन मिलें, तो देवघर खेल के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बना सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो केवल उन्हें सही प्लेटफॉर्म और प्रशिक्षण देने की। इस सफलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मेहनत और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

अंत में, चंद्रशेखर खवाड़े ने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां समाज को सकारात्मक दिशा देती हैं और युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में देवघर के और भी युवा देश का नाम रोशन करेंगे।

