By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर जिले के मधुपुर अनुमंडल पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब एक वर्ष से फरार चल रहे साढ़े बारह लाख रुपये की डकैती मामले में दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिससे पुलिस को लंबे समय से लंबित इस मामले में अहम सफलता मिली है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में कांड का मुख्य इन्फॉर्मर दशरथ दास और मुख्य अभियुक्त रहमत अंसारी शामिल हैं। दोनों आरोपी पिछले एक साल से लगातार फरार चल रहे थे और पुलिस की पकड़ से बचते फिर रहे थे। पुलिस ने विशेष रणनीति बनाकर दोनों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया।
कहां से हुई गिरफ्तारी
मधुपुर थाना पुलिस ने बताया कि दशरथ दास को मिसरना गांव से गिरफ्तार किया गया, जबकि रहमत अंसारी को गांगोमरनी क्षेत्र से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद दोनों से पूछताछ की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

क्या है पूरा मामला
यह मामला पिछले वर्ष 17 अक्टूबर की रात का है, जब मिसरना गांव निवासी सीताराम मंडल के घर पर एक बड़ी डकैती की वारदात को अंजाम दिया गया था। घटना के दौरान एक दर्जन से अधिक अपराधियों ने घर पर धावा बोल दिया था।
अपराधियों ने हथियार के बल पर पूरे परिवार को बंधक बना लिया और करीब साढ़े बारह लाख रुपये नकद के साथ लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

पुलिस की लगातार कार्रवाई
डकैती की इस बड़ी वारदात के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार छापेमारी अभियान शुरू किया था। अब तक इस मामले में पुलिस पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
ताजा कार्रवाई में दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस कांड में कुल सात अपराधी पुलिस के कब्जे में आ चुके हैं। पुलिस का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से मामले की कड़ियां और मजबूत हुई हैं और फरार अन्य आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

मुख्य इन्फॉर्मर की भूमिका
इस मामले में गिरफ्तार दशरथ दास की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, वह इस डकैती कांड का मुख्य इन्फॉर्मर था, जिसने अपराधियों को घर की पूरी जानकारी दी थी। उसके द्वारा दी गई सूचनाओं के आधार पर ही अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया था। वहीं, रहमत अंसारी को इस कांड का मुख्य अभियुक्त माना जा रहा है, जिसने डकैती की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में प्रमुख भूमिका निभाई थी।

कानूनी प्रक्रिया पूरी कर भेजा गया जेल
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

फरार अपराधियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि इस कांड में अभी भी कुछ अपराधी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़ लेने का दावा किया गया है। मधुपुर पुलिस की इस कार्रवाई को इलाके में कानून व्यवस्था की दिशा में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इससे लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा भी बढ़ा है।

इलाके में बढ़ी सुरक्षा सतर्कता
घटना के बाद से ही पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।

