By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर पुलिस को मोबाइल छिनतई और साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। शहर में लगातार बढ़ रही मोबाइल झपट्टा मार की घटनाओं के बीच पुलिस ने एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से 11 महंगे मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, दो मोटरसाइकिल और मोबाइल लॉक तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले कई सॉफ्टवेयर बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

जानकारी के अनुसार देवघर शहर में पिछले कुछ दिनों से मोबाइल झपट्टा मार गिरोह काफी सक्रिय था। अपराधी राह चलते लोगों से मोबाइल छीनकर फरार हो जाते थे और बाद में चोरी के मोबाइल को विभिन्न इलाकों में बेच दिया करते थे। इतना ही नहीं, इन चोरी किए गए मोबाइल फोन का उपयोग साइबर अपराध में भी किया जा रहा था। लगातार हो रही घटनाओं के कारण आम लोगों में भय का माहौल बन गया था।

हाल ही में सत्संग मोड़ और पटेल चौक के पास मोबाइल छिनतई की ताजा घटनाएं सामने आई थीं। इन मामलों को पुलिस ने गंभीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीपीओ देवघर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में देवघर थाना और रिखिया थाना की पुलिस को शामिल किया गया था। तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाया और पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया।

पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि गिरोह का मुख्य काम मोबाइल छिनतई करना था। चोरी के मोबाइल फोन को देवघर के ही एक दुकान में ले जाया जाता था, जहां विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से मोबाइल का लॉक तोड़ा जाता था। इसके बाद उन मोबाइल फोन को आम लोगों को सस्ते दाम पर बेच दिया जाता था। पुलिस को आशंका है कि कई चोरी के मोबाइल साइबर अपराधियों तक भी पहुंचाए गए, जिनका उपयोग ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों में किया जा रहा था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक लैपटॉप भी बरामद किया है। जांच में पता चला कि लैपटॉप में कई ऐसे सॉफ्टवेयर मौजूद थे जिनका इस्तेमाल मोबाइल फोन का लॉक तोड़ने और डेटा एक्सेस करने में किया जाता था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन सॉफ्टवेयर का उपयोग केवल चोरी के मोबाइल अनलॉक करने तक सीमित था या फिर इससे किसी बड़े साइबर नेटवर्क का संचालन भी किया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिकेत कुमार, विजय कुमार, अमन चौधरी और विकी महता के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार अनिकेत कुमार का पूर्व से ही आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी कई मामलों में जेल जा चुका है। बाकी आरोपियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह में और भी कई सदस्य शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 महंगे स्मार्टफोन बरामद किए हैं। इनमें कई नामी कंपनियों के मोबाइल शामिल हैं। इसके अलावा अपराध में उपयोग की जा रही दो मोटरसाइकिल भी जब्त की गई हैं। पुलिस का मानना है कि इन्हीं बाइक का इस्तेमाल अपराधियों द्वारा छिनतई की घटनाओं को अंजाम देने में किया जाता था।

देवघर पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है क्योंकि हाल के दिनों में मोबाइल छिनतई की घटनाओं में तेजी आई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में साइबर अपराध और मोबाइल चोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। लोगों से भी अपील की गई है कि वे अपने मोबाइल फोन की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

विशेष टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई से शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान करने में जुटी हुई है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरी के कितने मोबाइल अब तक विभिन्न इलाकों में बेचे जा चुके हैं।
देवघर पुलिस ने साफ किया है कि जिले में अपराध और साइबर नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

