By: Mala Mandal
दुनिया के सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म WhatsApp, Instagram और Facebook को लेकर इन दिनों नई चर्चा शुरू हो गई है। करोड़ों यूजर्स के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या अब इन प्लेटफॉर्म्स के फीचर्स इस्तेमाल करने के लिए पैसे देने पड़ेंगे? Meta कंपनी के कुछ नए अपडेट्स और प्रीमियम सर्विस प्लान्स की खबरों के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें वायरल हो रही हैं।

हालांकि, Meta की ओर से साफ किया गया है कि WhatsApp, Instagram और Facebook के बेसिक फीचर्स फिलहाल फ्री ही रहेंगे। यानी मैसेज भेजना, फोटो-वीडियो शेयर करना, स्टेटस लगाना, रील्स देखना और पोस्ट करना जैसी सुविधाओं के लिए आम यूजर्स को कोई चार्ज नहीं देना होगा।
क्यों उठी पेड फीचर्स की चर्चा?
दरअसल, Meta लगातार अपने प्लेटफॉर्म्स पर नए AI फीचर्स, ब्लू टिक वेरिफिकेशन और बिजनेस टूल्स लॉन्च कर रहा है। इनमें से कुछ सेवाओं के लिए कंपनी पहले से ही सब्सक्रिप्शन मॉडल लागू कर चुकी है। इसी वजह से लोगों को लगने लगा कि आने वाले समय में सभी फीचर्स पेड हो सकते हैं। Instagram और Facebook पर Meta Verified नाम से ब्लू टिक सर्विस पहले ही शुरू हो चुकी है। इसके तहत यूजर्स को हर महीने एक तय राशि देकर अकाउंट वेरिफिकेशन, सिक्योरिटी और कस्टमर सपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलती हैं। वहीं WhatsApp Business API का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों से भी चार्ज लिया जाता है।

क्या आम यूजर्स को देना होगा पैसा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल आम यूजर्स को घबराने की जरूरत नहीं है। Meta का फोकस अभी प्रीमियम और एडवांस फीचर्स पर कमाई बढ़ाने का है। कंपनी चाहती है कि जो यूजर्स अतिरिक्त सुविधाएं चाहते हैं, वे सब्सक्रिप्शन लेकर उनका फायदा उठाएं। इसका मतलब यह है कि सामान्य चैटिंग, कॉलिंग, फोटो शेयरिंग और सोशल नेटवर्किंग जैसी सेवाएं पहले की तरह मुफ्त बनी रह सकती हैं। हालांकि, AI टूल्स, एड-फ्री एक्सपीरियंस, एडवांस एडिटिंग फीचर्स या एक्स्ट्रा सिक्योरिटी जैसे विकल्प भविष्य में पेड हो सकते हैं।

WhatsApp में कौन-से फीचर्स हो सकते हैं पेड?
टेक रिपोर्ट्स के अनुसार, WhatsApp में कुछ एडवांस फीचर्स को प्रीमियम मॉडल में शामिल किया जा सकता है। इनमें बड़े बिजनेस अकाउंट्स के लिए ऑटोमेटेड चैट सिस्टम, एडवांस AI सपोर्ट, मल्टी-डिवाइस कंट्रोल और प्रोफेशनल टूल्स शामिल हो सकते हैं। हालांकि, पर्सनल यूजर्स के लिए साधारण मैसेजिंग और कॉलिंग सेवाओं के पेड होने की संभावना फिलहाल बेहद कम मानी जा रही है।

Instagram और Facebook पर बढ़ सकते हैं प्रीमियम फीचर्स
Instagram और Facebook पर कंटेंट क्रिएटर्स और प्रोफेशनल यूजर्स के लिए नए प्रीमियम फीचर्स लाए जा सकते हैं। इनमें एक्सक्लूसिव एनालिटिक्स, AI कंटेंट क्रिएशन, एडवांस वीडियो एडिटिंग और बेहतर रीच जैसे फीचर्स शामिल हो सकते हैं।
Meta पहले से ही कंटेंट क्रिएटर्स को कमाई के नए विकल्प देने पर काम कर रहा है। ऐसे में भविष्य में कई एडवांस टूल्स सब्सक्रिप्शन आधारित हो सकते हैं।

डेटा प्राइवेसी और कमाई का नया मॉडल
विशेषज्ञ मानते हैं कि Meta अब केवल विज्ञापनों पर निर्भर नहीं रहना चाहता। कंपनी सब्सक्रिप्शन मॉडल और AI सर्विसेज के जरिए नई कमाई के रास्ते तलाश रही है। यूरोप समेत कई देशों में डेटा प्राइवेसी कानून सख्त होने के बाद कंपनियां वैकल्पिक बिजनेस मॉडल पर फोकस कर रही हैं।
इसी कारण Meta धीरे-धीरे ऐसे फीचर्स ला रहा है जिनके जरिए यूजर्स से सीधे कमाई की जा सके।
सोशल मीडिया यूजर्स में बढ़ी चिंता
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने चिंता जताई है कि अगर भविष्य में जरूरी फीचर्स भी पेड हो गए तो आम लोगों के लिए इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल महंगा हो सकता है। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि प्रीमियम फीचर्स के लिए भुगतान करना गलत नहीं है, क्योंकि इससे बेहतर सुरक्षा और बेहतर सेवाएं मिल सकती हैं।

क्या कहती है Meta?
Meta ने अब तक ऐसा कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है कि WhatsApp, Instagram और Facebook पूरी तरह पेड होने जा रहे हैं। कंपनी का कहना है कि वह यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नए फीचर्स पर काम कर रही है।
फिलहाल सामान्य यूजर्स पहले की तरह मुफ्त में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन आने वाले समय में कुछ खास और एडवांस फीचर्स के लिए सब्सक्रिप्शन मॉडल देखने को मिल सकता है।
WhatsApp, Instagram और Facebook के पूरी तरह पेड होने की खबरें फिलहाल सही नहीं हैं। Meta अभी केवल चुनिंदा प्रीमियम फीचर्स और प्रोफेशनल टूल्स के जरिए कमाई बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। आम यूजर्स के लिए बेसिक सेवाएं फिलहाल मुफ्त ही रहने की उम्मीद है।

