By: Mala Mandal
झारखंड के देवघर में गुरुवार को श्रद्धालुओं के साथ बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना करने आए पटना के श्रद्धालुओं की गाड़ी से 16 बैग चोरी हो गए। घटना शहर के चर्चित नेहरू पार्क पार्किंग परिसर की है। चोरी हुए बैग में लैपटॉप, मोबाइल फोन, नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य कीमती सामान रखे हुए थे। पीड़ितों के अनुसार चोरी हुए सामान की कुल कीमत लगभग 10 से 12 लाख रुपये के आसपास बताई जा रही है।

घटना के बाद श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश देखा गया। पार्किंग परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा। श्रद्धालुओं ने गाड़ी के ड्राइवर की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। मामले की सूचना मिलने के बाद बाबा मंदिर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
पटना की कंपनी के कर्मचारी पहुंचे थे बाबा धाम
जानकारी के अनुसार पटना की एक निजी कंपनी के करीब 20 कर्मचारी देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। सभी लोग एक गाड़ी से देवघर आए थे। सुबह के समय उन्होंने अपनी गाड़ी को नेहरू पार्क पार्किंग में खड़ा किया और जरूरी सामान बैग में रखकर वाहन के अंदर ही छोड़ दिया। इसके बाद सभी श्रद्धालु बाबा मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए चले गए। करीब कुछ घंटे बाद जब सभी श्रद्धालु वापस पार्किंग स्थल पहुंचे तो गाड़ी के अंदर रखा उनका सामान गायब था। जांच करने पर पता चला कि कुल 20 लोगों में से 16 श्रद्धालुओं के बैग चोरी हो चुके थे। अचानक हुई इस घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई।

बैग में थे लैपटॉप, मोबाइल और नकदी
पीड़ित श्रद्धालुओं ने बताया कि चोरी हुए बैग में कई महंगे लैपटॉप, मोबाइल फोन, नकद राशि, कपड़े, पहचान पत्र, बैंक से जुड़े दस्तावेज और अन्य जरूरी सामान रखे हुए थे। कई लोगों के ऑफिस से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात भी बैग में थे। इससे श्रद्धालुओं को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि पार्किंग जैसी जगह पर इस तरह की घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। खास बात यह है कि नेहरू पार्क पार्किंग क्षेत्र के पास पुलिस का आवासन और कंट्रोल रूम भी मौजूद है। इसके बावजूद चोर आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

पार्किंग परिसर में श्रद्धालुओं ने किया हंगामा
चोरी की जानकारी मिलते ही श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा। सभी लोग पार्किंग परिसर में जमा हो गए और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर करने लगे। कुछ श्रद्धालुओं ने पार्किंग प्रबंधन और वाहन चालक की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया। घटना के बाद श्रद्धालु सीधे नेहरू पार्क स्थित पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को पूरी जानकारी दी। हालांकि श्रद्धालुओं का आरोप है कि कंट्रोल रूम में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करने के बजाय उन्हें थाना जाकर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।
इसके बाद सभी पीड़ित श्रद्धालु बाबा मंदिर थाना पहुंचे और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आवेदन लेकर जांच शुरू कर दी है।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाबा मंदिर थाना पुलिस पार्किंग परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की घटना किस समय हुई और इसमें कितने लोग शामिल थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि चोरी की वारदात किसी संगठित गिरोह द्वारा अंजाम दी गई हो सकती है। पुलिस पार्किंग कर्मियों और गाड़ी चालक से भी पूछताछ कर रही है। वहीं श्रद्धालुओं से चोरी हुए सामान की सूची मांगी गई है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

देवघर में बढ़ती चोरी की घटनाओं से चिंता
धार्मिक नगरी देवघर में पिछले कुछ समय से चोरी और आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। खासकर बाबा मंदिर क्षेत्र और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाबा धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था उसी अनुपात में मजबूत नहीं हो पाई है। ऐसे में पार्किंग स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल और निगरानी की आवश्यकता है।

पुलिस ने जल्द खुलासे का किया दावा
बाबा मंदिर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है और संदिग्ध लोगों की पहचान करने का प्रयास जारी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
वहीं पीड़ित श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि चोरी हुए सामान की बरामदगी जल्द से जल्द की जाए और पार्किंग स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

