By: Mala Mandal
लगातार स्क्रीन देखने से क्यों बढ़ रही हैं आंखों की समस्याएं?
आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक ज्यादातर लोग घंटों मोबाइल स्क्रीन पर समय बिताते हैं। ऑफिस का काम, ऑनलाइन पढ़ाई, सोशल मीडिया, वीडियो देखने और गेम खेलने जैसी आदतों के कारण स्क्रीन टाइम तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन जरूरत से ज्यादा फोन इस्तेमाल करने का सबसे बड़ा असर आंखों पर पड़ता है। लंबे समय तक मोबाइल देखने से आंखों में ड्राइनेस, जलन, थकान, धुंधलापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

आंखों में ड्राइनेस और थकान क्यों होती है?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार जब हम लगातार फोन या लैपटॉप स्क्रीन देखते हैं, तो हमारी पलकें सामान्य से कम झपकती हैं। इससे आंखों में मौजूद नेचुरल मॉइस्चर कम होने लगता है और आंखें सूखी महसूस होने लगती हैं। लंबे समय तक स्क्रीन पर फोकस करने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है, जिससे आंखों में थकान और दर्द की समस्या होने लगती है।

बच्चों और युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है स्क्रीन स्ट्रेस
डॉक्टर्स का कहना है कि पहले आंखों की समस्याएं अधिक उम्र के लोगों में देखने को मिलती थीं, लेकिन अब बच्चे और युवा भी डिजिटल आई स्ट्रेन का शिकार हो रहे हैं। लगातार मोबाइल चलाने की वजह से आंखों पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे कम उम्र में चश्मा लगने के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
आंखों को आराम देने के लिए करें पामिंग एक्सरसाइज
पामिंग एक्सरसाइज आंखों को रिलैक्स करने का आसान तरीका माना जाता है। इसके लिए दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर हल्का गर्म करें और फिर बंद आंखों पर रखें। कुछ सेकंड तक गहरी सांस लेते हुए आंखों को आराम दें। इससे आंखों की थकान कम हो सकती है और तनाव से राहत मिलती है।

ब्लिंकिंग एक्सरसाइज से दूर हो सकती है ड्राइनेस
मोबाइल देखने के दौरान लोग कम पलक झपकाते हैं, जिससे आंखें सूखने लगती हैं। ऐसे में ब्लिंकिंग एक्सरसाइज काफी फायदेमंद मानी जाती है। हर कुछ मिनट में धीरे-धीरे 10 से 15 बार पलकें झपकाने की आदत डालें। इससे आंखों में नमी बनी रहती है और ड्राइनेस कम हो सकती है।
आंखों के लिए फोकस एक्सरसाइज भी है जरूरी
आंखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए फोकस एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए पहले किसी पास की चीज पर ध्यान केंद्रित करें और फिर दूर रखी किसी वस्तु को देखें। इस प्रक्रिया को कुछ मिनट तक दोहराने से आंखों की फोकसिंग क्षमता बेहतर हो सकती है।

आंखों को रिलैक्स करने के लिए अपनाएं 20-20-20 नियम
एक्सपर्ट्स आंखों को स्वस्थ रखने के लिए 20-20-20 नियम अपनाने की सलाह देते हैं। इसका मतलब है कि हर 20 मिनट स्क्रीन देखने के बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज को देखें। इससे आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है और स्क्रीन स्ट्रेस कम करने में मदद मिल सकती है।

मोबाइल इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
आंखों को सुरक्षित रखने के लिए मोबाइल की ब्राइटनेस बहुत ज्यादा या बहुत कम न रखें। अंधेरे में फोन इस्तेमाल करने से बचें और सोने से पहले लंबे समय तक स्क्रीन देखने की आदत कम करें। साथ ही, पर्याप्त पानी पीना और पौष्टिक आहार लेना भी आंखों की सेहत के लिए जरूरी माना जाता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर आंखों में लगातार जलन, दर्द, धुंधला दिखना, सिरदर्द या ज्यादा ड्राइनेस की समस्या बनी रहती है, तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय रहते इलाज कराने से आंखों को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है।

क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, मोबाइल और स्क्रीन का सीमित उपयोग करना आंखों की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। साथ ही, नियमित रूप से आंखों की एक्सरसाइज करने और सही लाइफस्टाइल अपनाने से आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या आंखों से जुड़ी परेशानी होने पर डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

