By: Mala Mandal
देवघर। झारखंड के देवघर की प्रतिभाशाली बेटी श्रेया केशरी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी लेखन प्रतिभा का परचम लहराते हुए पूरे राज्य और जिले का नाम रोशन किया है। भारतीय डाक विभाग द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित “ढाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता 2025-26” में श्रेया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम स्थान तथा राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से देवघर सहित पूरे झारखंड में खुशी और गर्व का माहौल है।

वर्तमान में श्रेया केशरी छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में कानून की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अपने उत्कृष्ट लेखन कौशल, संवेदनशील सोच और प्रभावशाली अभिव्यक्ति के दम पर लाखों प्रतिभागियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।
भारतीय डाक विभाग द्वारा आयोजित “ढाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता” का उद्देश्य देश की समृद्ध पत्र लेखन परंपरा को पुनर्जीवित करना तथा युवाओं में रचनात्मक लेखन की भावना को बढ़ावा देना है। डिजिटल युग में जहां पत्र लेखन की परंपरा धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है, वहीं यह प्रतियोगिता युवाओं को अपनी भावनाओं और विचारों को शब्दों में व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।

इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय “मेरे आदर्श को पत्र” रखा गया था। प्रतिभागियों को अपने आदर्श व्यक्तित्व को संबोधित करते हुए पत्र लिखना था। देशभर से लाखों प्रतिभागियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों में विभाजित किया गया था। पहला वर्ग 18 वर्ष तक के विद्यार्थियों के लिए तथा दूसरा वर्ग 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभागियों के लिए निर्धारित था। प्रतिभागियों को अंतर्देशीय पत्र कार्ड और लिफाफा श्रेणी के माध्यम से अपने पत्र भेजने का अवसर दिया गया था।

श्रेया केशरी ने अपने पत्र में गहन विचारों, संवेदनशील भावनाओं और उत्कृष्ट भाषा शैली का परिचय दिया। निर्णायक मंडल ने उनके लेखन को अत्यंत प्रभावशाली और प्रेरणादायक मानते हुए राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्रदान किया। यह उपलब्धि न केवल श्रेया के लिए बल्कि देवघर और झारखंड के लिए भी गौरव का विषय है।
श्रेया की सफलता उनके शैक्षणिक जीवन की निरंतर उपलब्धियों की कड़ी का एक और महत्वपूर्ण अध्याय है। वह देवघर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं होटल न्यू ग्रैंड के मैनेजिंग डायरेक्टर रवि कुमार केशरी तथा नीतू केशरी की एकमात्र पुत्री हैं। उनके दादा स्वर्गीय राजू प्रसाद केशरी और दादी स्वर्गीय वीणा देवी रहे हैं।

बचपन से ही मेधावी रही श्रेया ने अपनी पढ़ाई के हर स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने दसवीं कक्षा में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसके बाद बारहवीं कला संकाय की परीक्षा में 98.5 प्रतिशत अंक हासिल कर राज्य स्तर पर टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया। इसके अलावा उन्होंने देश की प्रतिष्ठित कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 15वीं रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
वर्तमान में श्रेया देश के प्रतिष्ठित विधि संस्थानों में से एक हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत हैं। उनका सपना देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। कानून के क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर बनाने के साथ-साथ वे समाज और देश की सेवा करना चाहती हैं।

राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता में मिली इस बड़ी सफलता ने उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना दिया है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, निरंतर अभ्यास और स्पष्ट लक्ष्य के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की जा सकती है।
श्रेया की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई दी है। लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी सफलता देवघर के विद्यार्थियों को नई प्रेरणा देगी।

देवघर की बेटी श्रेया केशरी ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या संसाधन की मोहताज नहीं होती। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे झारखंड का मान बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक सशक्त उदाहरण बनेगी।

