By: Mala Mandal
राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों की समीक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष जोर
देवघर, 1 जून 2026। आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर देवघर परिसदन सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार ने की। बैठक में देवघर एवं दुमका जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मेला क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक के दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि 31 जुलाई 2026 से शुरू होने वाला राजकीय श्रावणी मेला झारखंड की पहचान और गौरव का प्रतीक है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित जलार्पण की सुविधा मिले तथा वे बाबा नगरी से सकारात्मक अनुभव लेकर लौटें।

VIP-VVIP दर्शन पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
मंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेला 2026 के दौरान आउट ऑफ टर्न दर्शन, VIP और VVIP दर्शन पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि मेला में आने वाले सभी श्रद्धालु समान हैं और किसी भी विशेष व्यवस्था के कारण आम श्रद्धालुओं को असुविधा नहीं होनी चाहिए। प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य श्रद्धालुओं को बिना बाधा और व्यवस्थित तरीके से बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण कराना है।

आधुनिक तकनीक से लैस होगा श्रावणी मेला
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए इस बार मेला क्षेत्र में कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। मंत्री ने अधिकारियों को फेस रिकग्निशन तकनीक, AI आधारित इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम, AI चैटबॉट आधारित सूचना एवं हेल्पलाइन प्रणाली, AI आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, आधार सहायता काउंटर, लोकेशन बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम तथा डिजिटल पवेलियन जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य केवल निगरानी बढ़ाना नहीं बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। इससे भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा निगरानी और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।

मेला क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश
समीक्षा बैठक में मेला क्षेत्र के अंतर्गत स्थापित किए जाने वाले अस्थायी और स्थायी ढांचों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि जहां संभव हो वहां अस्थायी संरचनाओं की जगह स्थायी संरचनाओं पर ध्यान दिया जाए ताकि भविष्य में भी उनका उपयोग किया जा सके। बैठक में मेला क्षेत्र में बनाए जाने वाले स्वास्थ्य केंद्र, सूचना एवं सहायता केंद्र, ट्रैफिक ओपी, पुलिस ओपी, मातृत्व केंद्र, पर्यटन केंद्र और विद्युत केंद्रों की व्यवस्था पर चर्चा हुई। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, स्नानगृह, कूड़ेदान, साफ-सफाई और कचरा उठाव व्यवस्था को चौबीसों घंटे सुचारु रखने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा पथ प्रकाश, सजावट, तोरण द्वार और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखने तथा वैकल्पिक बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम होगा विकसित
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके माध्यम से श्रद्धालु अपनी समस्याओं, सुझावों और शिकायतों को सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। प्रशासन द्वारा प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
गर्मी को देखते हुए बढ़ेगी कूलिंग और स्वास्थ्य सुविधाएं
श्रावणी मेला के दौरान संभावित गर्मी और उमस को देखते हुए मंत्री ने इंद्र वर्षा और मिस्ट कूलिंग सिस्टम की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ करने, पर्याप्त संख्या में चिकित्सा कर्मियों की तैनाती तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को हर समय उपलब्ध रखने पर बल दिया।

यातायात और पार्किंग व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश
बैठक में मेला अवधि के दौरान यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुदृढ़ यातायात व्यवस्था और पर्याप्त पार्किंग सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही वाहनों के पड़ाव स्थल, सुविधाजनक रूटलाइन, अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था को लेकर सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
उन्होंने देवघर और बासुकीनाथ को जोड़ने वाली फोरलेन सड़क परियोजना के कार्य को भी मेला शुरू होने से पहले पूरा कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।

डबल डेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली के प्रवेश पर पूर्ण रोक
श्रावणी मेला के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने कहा कि डबल डेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली और ओवरलोड वाहनों का देवघर जिला सीमा में प्रवेश पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया ताकि श्रद्धालु केवल अधिकृत यात्री वाहनों, बसों और ट्रेनों का ही उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि प्रवेश द्वारों और प्रमुख मार्गों पर विशेष पुलिस टीमों की तैनाती की जाएगी, जो ओवरलोड और अवैध रूप से संशोधित वाहनों पर निगरानी रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगी।
समय पर पूरे होंगे सभी कार्य
समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र से संबंधित सभी निर्माण और विकास कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं ताकि मेला शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रहें।
बैठक के अंत में उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने मंत्री सुदिव्य कुमार सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
राजकीय श्रावणी मेला 2026 को लेकर प्रशासन और सरकार की तैयारियां अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और तकनीकी नवाचारों पर विशेष फोकस के साथ इस बार का मेला अधिक व्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप में आयोजित किए जाने की तैयारी है।

