By: Mala Mandal
देवघर। आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक व्यवस्था को गांव-गांव तक सुलभ बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की पहल पर बुधवार को जिले के सभी 10 प्रखंडों एवं अंचलों में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनमें से कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।

प्रशासन की इस पहल को लोगों ने काफी सराहा। जनता दरबार में मुख्य रूप से सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, चापाकल मरम्मती, भूमि संबंधी मामलों, राजस्व मामलों, प्रमाण पत्र निर्गत करने, आवास योजना तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। अधिकारियों ने प्रत्येक आवेदन की गंभीरता से सुनवाई करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की।
जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब जिले के सभी प्रखंड सह अंचल कार्यालयों में प्रत्येक सप्ताह बुधवार को नियमित रूप से जनता दरबार का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक बार-बार न आना पड़े और स्थानीय स्तर पर ही उनकी शिकायतों का निपटारा हो सके।

बुधवार को आयोजित जनता दरबार में प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी ने संयुक्त रूप से लोगों की समस्याएं सुनीं। कई ऐसे मामले सामने आए जिनका समाधान तत्काल संभव था। अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए पेंशन स्वीकृति, राशन कार्ड से संबंधित त्रुटियों के सुधार, चापाकलों की मरम्मती एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन किया।
जनता दरबार के दौरान वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन एवं दिव्यांग पेंशन से जुड़े अनेक आवेदनों की जांच कर त्वरित कार्रवाई की गई। वहीं राशन कार्ड में नाम जोड़ने, नाम हटाने, यूनिट सुधार एवं नए राशन कार्ड से संबंधित मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने पेयजल संकट और खराब पड़े चापाकलों की शिकायतें दर्ज कराईं, जिन पर संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि जिन मामलों का निष्पादन मौके पर संभव नहीं हो सका है, उनके लिए संबंधित प्रखंड एवं अंचल स्तर के कर्मियों को निश्चित समय सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सभी लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि किसी भी शिकायत का समाधान अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनता दरबार में प्राप्त प्रत्येक आवेदन की गंभीरता से जांच कर समयबद्ध तरीके से उसका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों एवं उनके निष्पादन से संबंधित विस्तृत प्रगति प्रतिवेदन तैयार कर उपायुक्त कार्यालय को भेजा जाएगा। इससे जिला स्तर पर सभी मामलों की निगरानी की जा सकेगी और यह सुनिश्चित होगा कि लंबित मामलों का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर हो।
प्रशासन की इस व्यवस्था से विशेष रूप से दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। पहले कई बार लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक आना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी। अब प्रखंड और अंचल स्तर पर ही समस्याओं की सुनवाई एवं समाधान होने से लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।

स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि जनता दरबार जैसी व्यवस्था से प्रशासन और जनता के बीच संवाद मजबूत होगा तथा सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच सकेगा। लोगों का मानना है कि यदि इसी प्रकार नियमित रूप से जनता दरबार आयोजित होते रहे तो कई छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा।

जिला प्रशासन की यह पहल सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नियमित जनता दरबार के माध्यम से प्रशासन आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे शासन और जनता के बीच विश्वास और अधिक मजबूत होगा।Meta Description:

