By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर जिले में पंचायत स्तर पर प्रशासनिक सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। इसी कड़ी में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने बुधवार को मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत नया चितकाठ पंचायत सचिवालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पंचायत भवन की आधारभूत सुविधाओं, इंटरनेट कनेक्टिविटी, ज्ञान केंद्र, प्रज्ञा केंद्र, जेएसएलपीएस कार्यालय सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि पंचायत सचिवालय केवल सरकारी कार्यालय न रहकर ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान का केंद्र बनें। इसके लिए जिले के सभी पंचायत सचिवालयों को चरणबद्ध तरीके से मॉडल और पूर्णतः क्रियाशील केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को निर्देश दिया कि पंचायतों का चयन कर उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए।

अगस्त तक 25 पंचायत केंद्र बनेंगे मॉडल
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगस्त 2026 तक जिले में कम से कम 25 पंचायत सचिवालयों और ज्ञान केंद्रों को मॉडल केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इन केंद्रों में इंटरनेट, बैठने की समुचित व्यवस्था, डिजिटल संसाधन, जनसेवा सुविधाएं तथा अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मॉडल पंचायत केंद्रों के विकसित होने से ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि पंचायत सचिवालयों को स्थानीय प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने इस कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

पंचायत सचिवालयों में लगेंगे विशेष शिविर
ग्रामीणों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त ने पंचायत सचिवालयों में समय-समय पर विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से पेंशन, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, प्रमाण पत्र तथा अन्य जनहित से जुड़े मामलों का निपटारा स्थानीय स्तर पर किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवालयों को वाइब्रेंट सेंटर के रूप में विकसित करने का उद्देश्य प्रशासन और आम जनता के बीच की दूरी को कम करना है। इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी और सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जा सकेगी।

पंचायत सचिवों के ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पंचायत सचिवों की उपस्थिति और कार्य निष्पादन को लेकर भी गंभीरता दिखाई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत सचिवालयों में पंचायत सचिवों के ठहरने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि पंचायत सचिव स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रहेंगे तो ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान अधिक तेजी से हो सकेगा। साथ ही विकास योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में भी बेहतर परिणाम सामने आएंगे।

ज्ञान केंद्रों को बनाया जाएगा बच्चों के लिए अध्ययन का बेहतर केंद्र
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पंचायत परिसर स्थित ज्ञान केंद्र का भी अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि ज्ञान केंद्रों को और अधिक सुदृढ़, व्यवस्थित और आकर्षक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि ज्ञान केंद्रों में पर्याप्त संसाधन, पुस्तकें, डिजिटल सुविधाएं और शांत वातावरण उपलब्ध कराया जाए तो ग्रामीण विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकेंगे। उपायुक्त ने कहा कि ज्ञान केंद्र केवल पुस्तकालय तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों और युवाओं के लिए सीखने, पढ़ने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का सशक्त माध्यम बनें। इसके लिए जिले में संचालित सभी ज्ञान केंद्रों का ऑडिट भी कराया जाएगा, ताकि उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधार किए जा सकें।

प्रज्ञा केंद्र की कार्यप्रणाली की भी हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान प्रज्ञा केंद्र की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि जनसेवा से जुड़े सभी केंद्रों को जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति
नया चितकाठ पंचायत सचिवालय के निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों को जिले में पंचायत व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि पंचायत सचिवालयों और ज्ञान केंद्रों को सुदृढ़ करने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं की पहुंच बढ़ेगी और लोगों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं प्राप्त होंगी।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी और पंचायत स्तरीय कर्मी उपस्थित रहे।

