By: Mala Mandal
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी की स्वच्छता को लेकर रविवार को बड़ा जन अभियान देखने को मिला। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी पूरी कैबिनेट और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ यमुना घाटों पर सफाई अभियान चलाकर स्वच्छ यमुना का संदेश दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वयं गीता कॉलोनी स्थित दशमेश घाट पहुंचीं और यमुना नदी में उतरकर कूड़ा-कचरा निकालते हुए सफाई कार्य में हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली सरकार के मंत्री, भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी इस अभियान में शामिल हुए। सभी ने मिलकर यमुना के घाटों की सफाई की और लोगों से नदी को स्वच्छ रखने में सहयोग करने की अपील की।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जब तक जनभागीदारी नहीं होगी, तब तक किसी भी स्वच्छता अभियान को पूरी सफलता नहीं मिल सकती।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यमुना में पूजा सामग्री, प्लास्टिक, कचरा और अन्य गंदगी नहीं डालनी चाहिए। पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं बल्कि हर नागरिक की है। सभी के सहयोग से ही यमुना को पहले की तरह साफ और सुंदर बनाया जा सकता है।
सफाई अभियान के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को अपने हाथों से नदी से कचरा निकालते हुए देखा गया। इस दृश्य ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और अभियान को लेकर सकारात्मक संदेश दिया। भाजपा नेताओं ने भी इसे केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जन आंदोलन बनाने की बात कही।

दिल्ली में यमुना की सफाई लंबे समय से एक बड़ा मुद्दा रही है। बढ़ते प्रदूषण, सीवेज के बहाव और कचरे के कारण यमुना की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। अलग-अलग सरकारों द्वारा समय-समय पर यमुना सफाई के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाए हैं।
दिल्ली सरकार का कहना है कि यमुना की सफाई के लिए केवल घाटों की सफाई ही नहीं, बल्कि प्रदूषण के स्रोतों को रोकने, सीवेज व्यवस्था को बेहतर करने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी लगातार काम किया जाएगा। सरकार आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से यमुना को स्वच्छ बनाने का प्रयास कर रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी नदी को साफ रखने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ आम जनता की भागीदारी बेहद जरूरी होती है। यदि लोग नदी में कचरा फेंकने से बचें और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हों, तो नदी प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

रविवार को चलाए गए इस विशेष सफाई अभियान का उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और यमुना संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देना रहा। अभियान के दौरान घाटों पर मौजूद लोगों ने भी सफाई कार्य में भाग लेकर स्वच्छ पर्यावरण का संकल्प लिया।
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में भी यमुना की सफाई और संरक्षण से जुड़े अभियान लगातार जारी रहेंगे। सरकार का लक्ष्य केवल नदी के किनारों को साफ करना नहीं बल्कि यमुना के जल की गुणवत्ता में सुधार लाना और इसे प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाना है।

यमुना की स्वच्छता को लेकर चलाया गया यह अभियान राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को नई पहचान दी है। अब यह देखना अहम होगा कि जन सहयोग और सरकारी प्रयासों के माध्यम से यमुना को कितना स्वच्छ और निर्मल बनाया जा सकता है।

