By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 25 June 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान से पहले पंचांग देखकर शुभ समय का निर्धारण किया जाता है। 25 जून 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन निर्जला एकादशी व्रत और गायत्री जयंती का पावन संयोग बन रहा है। साथ ही शिव योग का निर्माण भी हो रहा है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु, मां गायत्री और भगवान शिव की पूजा करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति हो सकती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में सबसे श्रेष्ठ माना गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरे वर्ष की एकादशी का व्रत नहीं रख पाता, वह केवल निर्जला एकादशी का व्रत करके सभी एकादशियों के समान पुण्य प्राप्त कर सकता है। वहीं गायत्री जयंती के अवसर पर मां गायत्री की उपासना और गायत्री मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है।
आज का पंचांग 25 जून 2026
दिन: गुरुवार
तिथि: ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
पक्ष: शुक्ल पक्ष
मास: ज्येष्ठ मास
नक्षत्र: चित्रा
योग: शिव योग
करण: वणिज
सूर्योदय: प्रातः 5:13 बजे
सूर्यास्त: सायं 6:48 बजे

चंद्रोदय: प्रातः 2:11 बजे (अगले दिन)
चंद्र राशि: तुला
सूर्य राशि: मिथुन
निर्जला एकादशी का महत्व
निर्जला एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन श्रद्धालु बिना जल ग्रहण किए उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करते हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस व्रत को करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इस दिन गरीबों को जल, अन्न, वस्त्र और फल का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।

गायत्री जयंती का धार्मिक महत्व
गायत्री जयंती मां गायत्री के अवतरण दिवस के रूप में मनाई जाती है। हिंदू धर्म में गायत्री मंत्र को वेदों का सार कहा गया है। इस दिन गायत्री मंत्र का जाप, यज्ञ और पूजा करने से ज्ञान, बुद्धि और आध्यात्मिक शक्ति में वृद्धि होती है। धार्मिक मान्यता है कि मां गायत्री की कृपा से जीवन की अनेक बाधाएं दूर हो सकती हैं।

शिव योग का विशेष प्रभाव
25 जून 2026 को बनने वाला शिव योग अत्यंत शुभ माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शिव योग में किए गए धार्मिक कार्य, जप, तप, दान और पूजा का कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। इस योग में भगवान शिव और भगवान विष्णु की आराधना करने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति हो सकती है।

आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:57 बजे से 12:53 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:05 बजे से 4:45 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:43 बजे से 3:39 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: सायं 6:46 बजे से 7:06 बजे तक
अमृत काल: प्रातः 8:10 बजे से 9:48 बजे तक

राहुकाल
गुरुवार का राहुकाल दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।
आज करें ये शुभ कार्य
निर्जला एकादशी का व्रत रखें।
भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।
गायत्री मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
जरूरतमंद लोगों को जल, फल और अन्न का दान दें।
शिव योग में भगवान शिव का जलाभिषेक करें।

धार्मिक दृष्टि से 25 जून 2026 का दिन अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जा रहा है। निर्जला एकादशी, गायत्री जयंती और शिव योग का यह दुर्लभ संयोग आध्यात्मिक उन्नति, सुख-समृद्धि और पुण्य प्राप्ति का विशेष अवसर प्रदान कर सकता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा-अर्चना से सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति की प्राप्ति हो सकती है।

यह लेख धार्मिक मान्यताओं, पंचांग गणनाओं और ज्योतिषीय जानकारी पर आधारित है। विभिन्न क्षेत्रों के पंचांगों में समय और तिथि में आंशिक अंतर संभव है। NewsBag किसी भी धार्मिक दावे की पूर्ण पुष्टि नहीं करता। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान से पहले स्थानीय पंचांग या योग्य विद्वान से परामर्श अवश्य करें।

